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Bihar News: जारी हुआ पटना-गोरखपुर वंदे भारत का टाइम टेबल, किन-किन स्टेशनों पर ठहरेगी ट्रेन? जानें..

Bihar News: बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी, 20 जून से पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होगी। 7 घंटे में तय होगा सफर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया में रुकेगी। जानें समय और सुविधाओं के बारे में सब कुछ।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 17, 2025, 8:10:00 AM

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वंदे भारत - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच रेल यात्रा अब और भी तेज़ व आरामदायक होने वाली है। 20 जून 2025 से पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी पहली यात्रा शुरू करेगी। इस अत्याधुनिक ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाटलिपुत्र जंक्शन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। सप्ताह में छह दिन चलने वाली यह ट्रेन बिहार के कई प्रमुख शहरों को गोरखपुर से जोड़ेगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर का अनुभव शानदार होगा। ट्रेन का रैक गोरखपुर रेलवे यार्ड पहुंच चुका है और जल्द ही इसका ट्रायल रन होगा।


यह हाई-स्पीड ट्रेन सुबह 6:30 बजे गोरखपुर से रवाना होकर दोपहर 1:30 बजे पाटलिपुत्र पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 2:25 बजे पाटलिपुत्र से चलकर रात 9:35 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। लगभग सात घंटे में यह 400 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी, जो मौजूदा ट्रेनों से दो घंटे कम है। रास्ते में मुजफ्फरपुर, बापूधाम मोतिहारी, बेतिया, नरकटियागंज और कप्तानगंज जैसे स्टेशन इस ट्रेन के ठहराव होंगे।


वंदे भारत एक्सप्रेस में आठ कोच होंगे, जिनमें एक एग्जीक्यूटिव क्लास और सात चेयर कार शामिल हैं। यात्रियों को जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली, स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम शौचालय और आरामदायक सीटों जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यह ट्रेन न केवल तेज़ गति से चलेगी, बल्कि ऑनबोर्ड कैटरिंग और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के साथ यात्रियों को प्रीमियम अनुभव देगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि किराए और अंतिम समय-सारणी की जानकारी मंगलवार तक जारी होगी, लेकिन अनुमान है कि यह किफायती और सुविधाजनक होगी।


इस ट्रेन से बिहार और यूपी के बीच व्यापार, पर्यटन और रोज़मर्रा की यात्रा को नया आयाम मिलेगा। खासकर धार्मिक स्थलों जैसे गोरखपुर और अयोध्या की यात्रा करने वालों के लिए यह ट्रेन वरदान साबित होगी। स्थानीय लोगों में इसकी शुरुआत को लेकर उत्साह है, रेलवे का यह कदम बिहार को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक और मील का पत्थर है, जो क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा।