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Bihar News: विधान परिषद डाटा डिलीट मामले में SIT का गठन, CIBER SP की अगुआई में 6 सदस्यीय टीम करेगी जांच

Bihar News: बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यालय के कंप्यूटर से डाटा डिलीट मामले में EOU ने अब SIT का गठन किया है। CIBER SP डी अमरकेश की अगुआई में 6 सदस्यीय टीम इसकी जांच करेगी।

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बिहार विधान परिषद डाटा डिलीट मामला
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यालय के कंप्यूटर से गोपनीय डाटा डिलीट होने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने जांच को तेज कर दिया है। इस मामले में अब EOU के ADG नैय्यर हसनैन खान ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व CIBER SP डी अमरकेश करेंगे। छह सदस्यीय SIT को इस गंभीर साइबर अपराध की तह तक जाने का जिम्मा सौंपा गया है। EOU ने पहले ही विधान परिषद के छह कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी और अब SIT इस मामले की गहन पड़ताल करेगी।


6 जून 2025 को यह मामला उजागर हुआ था, तब नीति शाखा के एक कंप्यूटर से महत्वपूर्ण डाटा अनधिकृत रूप से हटाए जाने की शिकायत उप सचिव संजय कुमार ने EOU को की थी। EOU की साइबर यूनिट ने तुरंत कार्रवाई शुरू की, हार्ड डिस्क को जब्त किया और डेटा रूम को सील कर दिया। प्रारंभिक जांच में साइबर अटैक या मालवेयर का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन डाटा डिलीट होने की पुष्टि हुई है। 9 जून 2025 को EOU ने कई कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। सूत्रों का कहना है कि डाटा डिलीट होने का मामला RJD विधायक रीतलाल यादव के रिश्तेदार प्रतीक की बर्खास्तगी से जुड़ा हो सकता है।


EOU की जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि डाटा किसने, क्यों और किस मकसद से हटाया था। हार्ड डिस्क की फॉरेंसिक जांच सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) में चल रही है, जिससे डिलीट किए गए डाटा की रिकवरी और अपराध के तरीके का खुलासा होने की उम्मीद है। सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इस घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। विधान परिषद के सूत्रों के अनुसार डिलीट डाटा में कर्मचारियों के प्रमोशन और गोपनीय नीतिगत फाइलें शामिल हो सकती हैं, हालांकि EOU ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।