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Bihar News: बिहार के इन शहरों में प्रदूषण बना चिंता का विषय, AQI देख विशेषज्ञ भी परेशान

Bihar News: बिहार के पटना समेत 20 शहरों में AQI मध्यम से खराब स्तर पर, समनपुरा सबसे ज्यादा प्रभावित। चिंता की बात यह कि लोग अब भी इस बात को समझ नहीं पा रहे कि आगे इससे कितनी दिक्कतें होने वाली हैं..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 07, 2025, 8:50:28 AM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार में सर्दी के बढ़ते असर के साथ वायु प्रदूषण ने भी चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। 6 दिसंबर को राज्य के पटना सहित 20 प्रमुख शहरों की हवा मध्यम से खराब श्रेणी में रही, पटना के समनपुरा क्षेत्र में AQI 186 दर्ज किया गया। राजधानी का औसत AQI 139 रहा, जबकि अररिया में यह 185 तक पहुंचा। विशेषज्ञों के अनुसार हवाओं की कमी से धूलकण और PM2.5, PM10 जैसे प्रदूषक तत्व हवा में जमा हो रहे हैं और सांस संबंधी बीमारियों को न्योता दे रहे हैं।


जबकि पटना के अन्य इलाकों में स्थिति थोड़ी बेहतर रही। गांधी मैदान और तारामंडल क्षेत्र का AQI मध्यम श्रेणी (101-150) में रहा, लेकिन समनपुरा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में धूल और वाहनों के धुएं ने स्तर को और ऊंचा कर दिया। राज्य के अन्य शहरों में सासाराम (174), आरा (148), बक्सर (146), हाजीपुर (150), मुंगेर (129), बेगूसराय (126), मुजफ्फरपुर (123), गया (118), भागलपुर (110), बिहारशरीफ (108), राजगीर (107), किशनगंज (106) और औरंगाबाद (102) का AQI मध्यम प्रदूषित श्रेणी में दर्ज हुआ। हालांकि, कटिहार (95), बेतिया (90), मोतिहारी (91), छपरा (88) और पूर्णिया (70) जैसे जिलों में हवा संतोषजनक रही।


ठंड के मौसम में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण हवा की गति में कमी है। गर्म हवा ऊपर चढ़ने से ठंडी हवा नीचे रह जाती है, जिससे वायुमंडल में धूलकण और अन्य प्रदूषक फंस जाते हैं। बिहार की भौगोलिक स्थिति और मिट्टी की ढीली प्रकृति धूल को हवा में उड़ाने में सहायक है। नगर निगम ने पटना की प्रमुख सड़कों पर पानी छिड़काव बढ़ा दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि वृक्षारोपण, वाहन उत्सर्जन नियंत्रण और औद्योगिक नियमों का सख्त पालन बेहद जरूरी है।


AQI श्रेणी के अनुसार 101-200 मध्यम प्रदूषित स्तर पर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा रोगियों को घर से बाहर कम निकलना चाहिए। मास्क पहनें, एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और यदि AQI 200 से ऊपर पहुंचे तो चिकित्सकीय सलाह लें। बिहार को स्वच्छ हवा का हक है, लेकिन इसके लिए सामूहिक प्रयासों की दरकार है।