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बिहार सरकार का बड़ा फैसला: जेलों में कैदियों की अप्राकृतिक मौत पर मिलेगा मुआवजा, परिजनों को 5 लाख रुपये तक की सहायता; नई नीति लागू

Bihar News: बिहार सरकार ने जेलों में कैदियों की अप्राकृतिक मौत के मामलों के लिए नई मुआवजा नीति लागू कर दी है। यातना से मौत पर 5 लाख रुपये, लापरवाही या अन्य अप्राकृतिक कारणों पर 4 लाख और आत्महत्या के मामलों में 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

Bihar News
बिहार में नई नीति लागू
© File
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने जेलों में बंद कैदियों की अप्राकृतिक मौत के मामलों में उनके स्वजनों को आर्थिक सहायता देने के लिए नई मुआवजा नीति लागू कर दी है। राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद गृह विभाग (कारा) के कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय ने संकल्प जारी करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।



अब तक जेलों में कैदियों की अप्राकृतिक मौत के मामलों में मुआवजा देने के लिए कोई स्थायी नीति नहीं थी। मानवाधिकार आयोग या अन्य जांच एजेंसियों की अनुशंसा के आधार पर ही पीड़ित परिवारों को सहायता राशि दी जाती थी। नई नीति के लागू होने से मुआवजा प्रक्रिया को तय नियमों और समयसीमा के तहत पूरा किया जाएगा।



नई नीति के अनुसार, यदि किसी कैदी की मौत जेल कर्मचारियों की यातना या मारपीट के कारण होती है तो उसके कानूनी उत्तराधिकारी को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, चिकित्सा पदाधिकारी की लापरवाही, जेल कर्मियों की लापरवाही, कैदियों के बीच विवाद या अन्य अप्राकृतिक कारणों से मौत होने पर मृतक कैदी के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अगर कोई कैदी जेल में आत्महत्या करता है तो उसके निकटतम स्वजन को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।



सरकार ने मुआवजा देने से पहले मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता जिले के डीएम करेंगे। समिति में एसएसपी या एसपी, सिविल सर्जन सदस्य होंगे, जबकि संबंधित जेल के काराधीक्षक को सदस्य सचिव बनाया गया है। जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट और अनुशंसा जेल आईजी को भेजेगी।



इसके बाद गृह विभाग मुआवजा राशि की मंजूरी देगा और स्वीकृति मिलने के बाद राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सके। नई व्यवस्था के तहत मुआवजा स्वीकृत होने के बाद 30 दिनों के अंदर मृतक कैदी के कानूनी उत्तराधिकारी या निकटतम स्वजन के बैंक खाते में राशि भेज दी जाएगी।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता