Motihari Teacher Murder: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से एक सरकारी शिक्षक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बंजरिया प्रखंड क्षेत्र में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत मोहम्मद शमशाद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मृतक के परिजनों ने पूर्व बंजरिया प्रखंड प्रमुख मोहम्मद चमन समेत कुछ अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने अभी आरोपों की पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच जारी है।
पंचायत की योजनाओं को लेकर सक्रिय थे शमशाद
परिजनों के अनुसार, मोहम्मद शमशाद पंचायत स्तर पर चलने वाली विभिन्न योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जानकारी जुटा रहे थे। बताया गया कि उन्होंने इन मामलों की जांच के लिए संबंधित सरकारी विभागों में आवेदन भी दिए थे। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ उनका विवाद होने की बात सामने आई है।
परिजनों का आरोप है कि पंचायत की योजनाओं को लेकर सक्रियता के कारण कुछ लोग उनसे नाराज थे। इसी विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शिक्षक की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
मिट्टी कटाई को लेकर भी हुआ था विवाद
बताया जा रहा है कि मोहम्मद शमशाद का कुछ लोगों के साथ मिट्टी कटाई को लेकर भी पहले विवाद हुआ था। इस दौरान मारपीट होने की बात भी सामने आई है। परिजनों का कहना है कि पुराने विवाद को भी हत्या की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।फिलहाल पुलिस इस बिंदु समेत सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व प्रखंड प्रमुख पर परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने पूर्व बंजरिया प्रखंड प्रमुख मोहम्मद चमन पर शमशाद के साथ मारपीट कर उनकी हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने मामले में अन्य लोगों के शामिल होने की भी बात कही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लिखित शिकायत और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शव मिलने के बाद अस्पताल चौक पर हंगामा
शमशाद का शव मिलने के बाद परिजनों और समर्थकों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोग शव लेकर मोतिहारी के अस्पताल चौक पहुंच गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब ढाई घंटे तक सड़क पर प्रदर्शन और नारेबाजी हुई।प्रदर्शन कर रहे परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बताया गया कि परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से फोन पर बातचीत की। अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजन शव के पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
गुमशुदगी के बाद बरामद हुआ था शव
सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार के अनुसार, पुलिस के सामने पहले गुमशुदगी से जुड़ा मामला आया था। इसके बाद युवक का शव बरामद किया गया। पुलिस अब घटना में शामिल बताए जा रहे लोगों की पहचान करने में जुटी है। एसडीपीओ ने कहा कि लिखित शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस खंगाल रही पुराने विवाद और हत्या की वजह
सदर एसडीओ अरुण पांडे के अनुसार, शव के साथ अस्पताल चौक पर सड़क जाम किए जाने की सूचना के बाद प्रशासन ने स्थिति को संभाला। पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की वजह, घटना में शामिल लोगों और शमशाद के पुराने विवादों से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शिक्षक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मोहम्मद शमशाद की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।





