पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हो रहे चुनाव में दोपहर 12 बजे तक मतदान के आंकड़ों ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग की रफ्तार में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की गति तुलनात्मक रूप से धीमी बनी हुई है।
निर्वाचन से जुड़े दोपहर 12 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 12.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदान प्रतिशत 30.19 रहा। दोनों श्रेणियों के बीच करीब 17.31 प्रतिशत अंकों का अंतर है। इन आंकड़ों से साफ है कि दोपहर तक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की गतिविधियां अधिक तेज रही हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मतदान सारण में दर्ज किया गया है। यहां दोपहर 12 बजे तक 42.55 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके थे। इसके बाद दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 37.50 प्रतिशत और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 30.06 प्रतिशत मतदान हुआ। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत कम रही, जहां 10.64 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का आंकड़ा सबसे अधिक चर्चा में है। यहां मतदान प्रतिशत 40 के पार पहुंच चुका है। दूसरी तरफ, तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान का आंकड़ा अभी काफी पीछे है। ऐसे में आने वाले घंटों में यहां वोटिंग की रफ्तार कितनी बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो यहां कोसी निर्वाचन क्षेत्र मतदान के मामले में सबसे आगे है। कोसी में दोपहर 12 बजे तक 17.94 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 15.02 प्रतिशत और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 13 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 5.55 प्रतिशत मतदान हुआ है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की खास नजर है। इस सीट पर मुकाबले को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी तेज है। मतदान प्रतिशत के मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि दोपहर तक यहां करीब 15 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि, शुरुआती आंकड़ों के आधार पर किसी उम्मीदवार की जीत या हार का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदान 12.88 प्रतिशत रहने के मुकाबले शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 30.19 प्रतिशत मतदान दर्ज होना चुनाव के इस चरण की एक अहम तस्वीर पेश करता है। हालांकि, दोनों श्रेणियों के मतदाता समूह और निर्वाचन क्षेत्रों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर किसी एक वर्ग के मतदाताओं के उत्साह या चुनावी नतीजों के बारे में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के चुनाव में कुल चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान के दौरान हर सीट पर उम्मीदवारों की नजर अपने समर्थक मतदाताओं के बूथ तक पहुंचने पर टिकी हुई है। राजनीतिक दल भी मतदान के रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं।
दोपहर 12 बजे के आंकड़ों के बाद अब सबकी निगाहें अगले मतदान अपडेट पर रहेंगी। खास तौर पर सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वोटिंग की रफ्तार कायम रहती है या नहीं, कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र अपनी बढ़त बनाए रखता है या नहीं और पटना की दोनों सीटों पर मतदान कितना आगे बढ़ता है, ये सवाल अहम होंगे।
फिलहाल, दोपहर तक के आंकड़ों में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का पलड़ा भारी दिख रहा है, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी सबसे आगे है। हालांकि, मतदान समाप्त होने के बाद ही कुल वोटिंग की वास्तविक तस्वीर साफ होगी और 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना के बाद उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।





