ब्रेकिंग
Bihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेशBihar News : ‘पार्टी में बर्तन बजते रहते हैं’, अनंत-नीरज विवाद पर संजय झा ने संभाला मोर्चा; ललन सिंह को लेकर भी दिया जवाबBihar News: बिहार में 5 साल में लगेंगे 10 हजार उद्योग, CM सम्राट ने बताया बड़ा लक्ष्यBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेशBihar News : ‘पार्टी में बर्तन बजते रहते हैं’, अनंत-नीरज विवाद पर संजय झा ने संभाला मोर्चा; ललन सिंह को लेकर भी दिया जवाबBihar News: बिहार में 5 साल में लगेंगे 10 हजार उद्योग, CM सम्राट ने बताया बड़ा लक्ष्य

बिहार में सुशासन का इक़बाल खत्म.. आठ महीने में 8 मुखिया की हो गई हत्या

PATNA : बिहार में सुशासन की सरकार है, लेकिन अपराध का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है. आये दिन हत्या और लूट की घटनाएं सामने आ रही है. इसमें भी सबसे गंभीर मामला मुखिया की हत्या का है. म

बिहार में सुशासन का इक़बाल खत्म.. आठ महीने में 8 मुखिया की हो गई हत्या
First Bihar
3 मिनट

PATNA : बिहार में सुशासन की सरकार है, लेकिन अपराध का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है. आये दिन हत्या और लूट की घटनाएं सामने आ रही है. इसमें भी सबसे गंभीर मामला मुखिया की हत्या का है. मुखिया की हत्या का ग्राफ बिहार में पंचायत चुनाव के बाद तेजी से बढ़ा. मर्डर के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. बिहार में एक-दो नहीं 8 मुखिया की हत्या हो चुकी है. वो भी सिर्फ आठ महीनों में. 


हालांकि सरकार ने जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाये हैं. लेकिन फिर भी हत्याओं का सिलसिला नहीं रुक रहा है. शुक्रवार की शाम सहरसा में फिर एक मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मुखिया की पहचान सौरबाजार प्रखंड के खजुरी पंचायत के रंजीत साह के रूप में हुई है. इस घटना के बाद से लोगों में आक्रोश है. मुखिया हत्या के विरोध में आक्रोशित भीड़ 18 से अधिक घण्टे से मुख्य मार्ग NH-107 जामकर प्रदर्शन व नारेबाजी कर रहे हैं. 


बताते चलें कि पटना में भी ऐसे ही मुखिया की हत्या कर दी गई थी. पटना के पंडारक पूर्वी से जीते मुखिया प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल को गोली मार दी गयी थी. वहीं पटना के ही फुलवारीशरीफ प्रखंड स्थित रामपुर फरीदपुर पंचायत के मुखिया नीरज कुमार की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसी तरह पंचायत चुनाव के रिजल्ट के बाद मुंगरे के नक्सल प्रभावित धरहरा प्रखंड के अजिमगंज पंचायत के नव निर्वाचित मुखिया परमानंद टुड्डू की हत्या कर दी गई थी तो गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र की धतीवना पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया सुखल मुसहर की हत्या का मामला भी सामने आया. 


जमुई के अलीगंज प्रखंड अंतर्गत दरखा पंचायत के मुखिया जयप्रकाश प्रसाद उर्फ प्रकाश महतो को दिसंबर में मार दिया गया. भोजपुर जिले के चरपोखरी प्रखंड की बाबूबांध पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया संजय सिंह को एंबुलेंस में सवार अपराधियों ने गोलियों से भून दिया. यही नहीं, हाल ही में भागलपुर की कुमैठा पंचायत की मुखिया अनीता देवी को बदमाशों ने मौत के घाट उतार दिया और उनके शव को फांसी के फंदे से लटका इसे सुसाइड केस बनाना चाहा.