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सम्राट सरकार का तोहफा: बिहार के 50 हजार जीविका समूहों को मिलेगा 10-10 लाख का लोन, महिला रोजगार को मिलेगी गति

Bihar News: बिहार सरकार 50 हजार जीविका समूहों को 10-10 लाख रुपये का लोन देगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं के रोजगार और स्वरोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। चालू वित्तीय वर्ष में सभी जीविका समूहों को कुल 16 हजार करोड़ रुपये का लोन देने का लक्ष्य तय किया गया है।

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार में इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 50 हजार जीविका समूहों को बैंकों से 10-10 लाख रुपये का लोन दिया जाएगा। इन समूहों के पूर्व के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए यह सुविधा दी जा रही है, ताकि जीविका दीदियां अपने रोजगार को और विस्तार दे सकें। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में सभी जीविका समूहों को कुल 16 हजार करोड़ रुपये का लोन देने का लक्ष्य तय किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन समूहों ने करीब 14 हजार करोड़ रुपये का लोन लिया था।


राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 11 लाख जीविका दीदियां सक्रिय हैं और हर समूह में औसतन 12 सदस्य होते हैं। इस तरह जिन 50 हजार समूहों को 10-10 लाख रुपये का लोन मिलेगा, उनमें प्रत्येक सदस्य को औसतन एक लाख रुपये तक का लाभ होगा। जीविका अधिकारियों के अनुसार, समूहों के पिछले लोन और उनके प्रदर्शन के आधार पर आगे की ऋण राशि तय की जाती है। समूहों को चार श्रेणियों में लोन मिलता है..1.5 लाख, 3 लाख, 6 लाख और 10 लाख रुपये।


अधिकारियों का कहना है कि अगले 2-3 वर्षों में 5 लाख जीविका समूहों को 10-10 लाख रुपये का लोन देने के लक्ष्य के अनुसार उन्हें विकसित किया जाएगा। जीविका दीदियां इस लोन का उपयोग छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय शुरू करने या पहले से चल रहे कार्यों को विस्तार देने में करती हैं। इसमें किराना दुकान, पशुपालन, चाय दुकान, कृषि, मछली पालन, ब्यूटी पार्लर जैसे रोजगार शामिल हैं। इसके अलावा महिलाएं अपनी छोटी आवश्यकताओं के लिए भी समूह से लोन लेती हैं। इन लोन की रिकवरी दर लगभग 99 प्रतिशत है, जिसके कारण बैंकों को इन समूहों को ऋण देने में कोई हिचक नहीं होती।


जीविका योजना पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत ग्रामीण महिलाओं को समूह बनाकर प्रशिक्षण दिया जाता है और उन्हें रोजगार से जोड़ा जाता है। 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान भी करोड़ों महिलाओं को रोजगार के लिए 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई थी। इसके अलावा बेहतर रोजगार के लिए करीब 2 लाख परिवारों को 2-2 लाख रुपये देने की योजना भी चलाई जा रही है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता