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Bihar Gyan Post : महज 20 रुपये में देशभर में भेजें किताबें , डाकघर में शुरू हुई 'ज्ञान पोस्ट' सेवा; जानिए कैसे करें बुकिंग

छात्र और शिक्षक अब सिर्फ 20 रुपये में किताबें देश के किसी भी कोने में भेज सकेंगे। बिहार में ‘ज्ञान पोस्ट’ सेवा शुरू, शैक्षणिक और ज्ञानवर्धक सामग्री अब आसान और सस्ती पहुँच में।

Bihar Gyan Post : महज 20 रुपये में देशभर में भेजें किताबें , डाकघर में शुरू हुई 'ज्ञान पोस्ट' सेवा; जानिए कैसे करें बुकिंग
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Gyan Post : छात्रों और शिक्षकों के लिए डाकघर से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब बिहार के सभी डाकघरों से महज 20 रुपये में देश के किसी भी कोने में किताबें और शैक्षणिक सामग्री भेजी जा सकेंगी। इसके लिए भारतीय डाक विभाग ने ‘ज्ञान पोस्ट’ नाम से नई विशेष सेवा शुरू की है। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक और ज्ञानवर्धक सामग्री को कम खर्च में लोगों तक पहुँचाना है।


जिले के वरीय पोस्ट मास्टर राजेश कुमार ने बताया कि ज्ञान पोस्ट सेवा के तहत किताबें, पत्रिकाएं, साहित्यिक दस्तावेज, धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सामग्री को रियायती दरों पर भेजा जा सकेगा। यह सेवा अब जिले के सभी डाकघरों में लागू कर दी गई है। खासकर छात्रों, शिक्षकों, पुस्तक प्रकाशकों और सामाजिक संगठनों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।


जानकारी के अनुसार, ज्ञान पोस्ट सेवा के माध्यम से 300 ग्राम से लेकर 5 किलो तक के पैकेट भेजे जा सकते हैं। इसके लिए डाक विभाग ने स्पष्ट शुल्क तय किया है। 300 ग्राम तक के पैकेट पर 20 रुपये, 301 से 500 ग्राम तक 25 रुपये, 501 ग्राम से 1 किलो तक 35 रुपये, 1 से 2 किलो तक 50 रुपये, 2 से 3 किलो तक 65 रुपये, 3 से 4 किलो तक 80 रुपये और 4 से 5 किलो तक 100 रुपये शुल्क लिया जाएगा।


डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि ज्ञान पोस्ट सेवा केवल गैर-वाणिज्यिक और शैक्षणिक सामग्री के लिए है। इसके तहत साधारण या व्यावसायिक वस्तुएं नहीं भेजी जा सकती हैं। इसका उद्देश्य देश के दूर-दराज इलाकों तक भी पुस्तकों और अध्ययन सामग्री की आसान और किफायती पहुंच सुनिश्चित करना है।


ग्राहक अपनी भेजी गई किताबों और पैकेटों को India Post की वेबसाइट पर ट्रैक कर सकते हैं। इसके साथ ही पोस्टिंग और डिलीवरी सर्टिफिकेट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। डाक विभाग का मानना है कि यह पहल शिक्षा और ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


विशेषज्ञों का कहना है कि यह सेवा छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अब महंगी डिलीवरी की चिंता किए बिना अपनी किताबें और अध्ययन सामग्री किसी भी राज्य में भेज सकते हैं। इसके अलावा, पुस्तक प्रकाशक और सामाजिक संगठन भी इस सेवा का इस्तेमाल कर समाज में ज्ञान और शिक्षा का प्रचार-प्रसार कर सकते हैं।


राजेश कुमार ने बताया कि ज्ञान पोस्ट सेवा का लाभ उठाने के लिए किसी भी व्यक्ति को विशेष दस्तावेज या आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। किसी भी डाकघर से सीधे यह सुविधा उपलब्ध है। डाक विभाग का कहना है कि भविष्य में इस सेवा को और अधिक आसान और तेज बनाने के लिए तकनीकी अपडेट किए जाएंगे। इस पहल से न केवल छात्रों और शिक्षकों को फायदा होगा, बल्कि पूरे शिक्षा क्षेत्र में किताबों और शैक्षणिक सामग्री की पहुँच में सुधार होगा। कम खर्च में सामग्री भेजने की सुविधा से पढ़ाई और ज्ञान का प्रसार देशभर में और अधिक प्रभावी तरीके से होगा।


बिहार में शुरू हुई यह सेवा शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में डाक विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। अब छात्रों और शिक्षकों को किताबों और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता और डिलीवरी की चिंता नहीं रहेगी। यह कदम देशभर में शिक्षा और अध्ययन के स्तर को बढ़ाने में मददगार साबित होगा।