1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 13 Sep 2025 09:20:12 AM IST
बिहार सरकारी स्कूल परीक्षा 2025 - फ़ोटो FILE PHOTO
SCERT : बिहार के सरकारी स्कूलों से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। राज्यभर में कक्षा एक से आठवीं तक की अर्धवार्षिक परीक्षा इस समय चल रही है। लेकिन पहले दिन ही अप्रत्याशित परिस्थितियों की वजह से कुछ परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं। सबसे ज्यादा असर कक्षा सातवीं और आठवीं के विद्यार्थियों पर पड़ा है, क्योंकि उनकी सोशल साइंस (सामाजिक विज्ञान) और गणित विषय की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।
इस मामले में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने नया आदेश जारी करते हुए संशोधित परीक्षा कार्यक्रम सार्वजनिक किया है। इसके तहत अब स्थगित की गई परीक्षाओं की नई तारीख तय कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, 13 सितंबर को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 71वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जा रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में इस परीक्षा के लिए बड़े स्तर पर सेंटर बनाए गए हैं। हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, ऐसे में परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया कि उसी दिन स्कूल स्तर की परीक्षाएं न कराई जाएं। इसी कारण एससीईआरटी की ओर से आदेश जारी कर 13 सितंबर को प्रस्तावित कक्षाओं की परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। अब ये परीक्षाएं 18 सितंबर को आयोजित होंगी।
संशोधित परीक्षा कार्यक्रम
एससीईआरटी की ओर से जारी किए गए नए कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा की रूपरेखा इस प्रकार है—
14 सितंबर – सह-शैक्षिक गतिविधियों का समेकन (सभी कक्षाओं के लिए)
16 सितंबर – अंग्रेजी (कक्षा 3 से 8), सामाजिक विज्ञान (कक्षा 7 और 8)
17 सितंबर – हिंदी, उर्दू, बांग्ला (कक्षा 1 और 2), गणित (कक्षा 7), गणित (कक्षा 1 और 2)
18 सितंबर – अंग्रेजी (कक्षा 1 और 2), हिंदी, बांग्ला, उर्दू (कक्षा 3 से 8), संस्कृत (कक्षा 6 से 8)
इस तरह अब वे परीक्षाएं, जिन्हें स्थगित किया गया था, नए शेड्यूल में शामिल कर दी गई हैं।
पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थी तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक हुए बदलाव ने थोड़ी असुविधा जरूर बढ़ा दी है। खासतौर पर कक्षा सातवीं और आठवीं के छात्रों को दो बार अपनी तैयारी को एडजस्ट करना पड़ा। गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय मुख्य विषयों में गिने जाते हैं, इसलिए इनके शेड्यूल में बदलाव का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ा है।
हालांकि, कई शिक्षक और अभिभावक मानते हैं कि बीपीएससी जैसी बड़ी प्रतियोगिता परीक्षा के कारण यह फैसला उचित है। उनका कहना है कि यदि दोनों परीक्षाएं एक साथ आयोजित होतीं, तो स्कूल और कॉलेज स्तर पर व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती थीं। अर्धवार्षिक परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर भी विशेष निर्देश दिए हैं। सभी केंद्राधीक्षकों को साफ तौर पर कहा गया है कि परीक्षा की गोपनीयता और अनुशासन हर हाल में बनाए रखें। साथ ही, प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए ब्लॉक शिक्षा पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षक संघों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब स्कूल परीक्षाओं का शेड्यूल बदलना पड़ा हो। राज्य में अक्सर बड़े पैमाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी कार्यक्रमों के कारण स्कूलों की परीक्षाओं पर असर पड़ता है। उनका सुझाव है कि शिक्षा विभाग को भविष्य में ऐसे कार्यक्रम इस तरह तैयार करने चाहिए, जिससे दोनों तरह की परीक्षाएं आपस में न टकराएं।
कई अभिभावक इस बात से चिंतित हैं कि बच्चों की पढ़ाई पर लगातार ऐसे बदलावों का असर पड़ता है। उनके अनुसार, समय पर और तय शेड्यूल पर परीक्षा कराने से बच्चों की तैयारी बेहतर होती है और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ता है। हालांकि, अब नई तारीख घोषित होने से उन्हें राहत भी मिली है।
बिहार के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक चल रही अर्धवार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम अब संशोधित हो चुका है। 13 सितंबर को स्थगित हुई परीक्षाएं अब 18 सितंबर को ली जाएंगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक और व्यवस्थागत कारणों से लिया गया है, ताकि बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा और स्कूल परीक्षा दोनों ही बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें। इस तरह अब विद्यार्थियों को नए शेड्यूल के अनुसार तैयारी करनी होगी। उम्मीद की जा रही है कि आगे परीक्षाओं का आयोजन बिना किसी व्यवधान के पूरा किया जाएगा और बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा।