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पहले फेज के इलेक्शन को लेकर ADR का बड़ा खुलासा: 32 फीसदी आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को दिया गया टिकट

बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण को लेकर ADR की बड़ी रिपोर्ट, 32% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद दलों ने दिया आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों को टिकट

बिहार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: बिहार में दो चरण में विधानसभा का चुनाव होने वाले हैं। 6 नवम्बर को पहला और 11 नवम्बर को दूसरे चरण का मतदान होगा। पहले चरण में 121 विधानसभा क्षेत्र में चुनाव होगा। इन 121 सीटों पर जिन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, उनके शपथ पत्रों पर आधारित एक रिपोर्ट ADR ने जारी किया है। 


पहले फेज के चुनाव को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिंक रिफॉर्म्स यानि ADR  ने बड़ा खुलासा किया है। इस रिपोर्ट से पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की परवाह किये बगैर विभिन्न राजनीतिक दलों ने 32 फीसदी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया जिन पर आपराधिक मामले हैं। पहले चरण के चुनाव लड़ रहे 1303 प्रत्याशियों में से 423 उम्मीदवारों ने शपथ पत्र में इस बात की घोषणा की है कि उनके ऊपर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 


इन उम्मीदवारों का प्रतिशत 32 हैं। जिसमें 354 यानि 27 प्रतिशत उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी हैं। वही 33 पर हत्या, 86 पर हत्या का प्रयास करने का मामला है। वही 42 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ मामले हैं। वही घोषणापत्र में 2 उम्मीदवार ने बताया कि उनके ऊपर बलात्कार के मामले हैं। एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पूरी तरह से राजनीतिक दलों ने अनदेखी की है।


 जबकि 13 फरवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने तमाम राजनीतिक दलों को यह निर्देश दिया था कि यदि वो आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी को टिकट देते हैं तो उसका कारण बताएं। लोकप्रियता और राजनीतिक दबाव के कारण किसी को टिकट नहीं मिलनी चाहिए बल्कि उम्मीदवार का चयन उसकी योग्यता, उपलब्धि और सामाजिक योगदान के आधार पर होनी चाहिए। लेकिन राजनीतिक दलों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया और पहले फेज के 32 प्रतिशत आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों को टिकट दे दिया।