Bihar weather : बिहार में इस समय मौसम का मिजाज बेहद सख्त बना हुआ है। घने कोहरे और भीषण ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी हुई है, जहां दिन के समय भी ठंड का असर कम नहीं हो रहा। सुबह और देर रात घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी नाममात्र रह गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया जा रहा है। खासकर उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में पछुआ हवाओं के कारण ठिठुरन और बढ़ गई है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही, जिसे मौसम वैज्ञानिक ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बता रहे हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक कम बना हुआ है।
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर देखा जा रहा है। सुबह के समय कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर तक सिमट गई है। राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। कोहरे के कारण कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, वहीं कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द या री-शेड्यूल भी किया गया है। पटना एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट संचालन प्रभावित हुआ है, जहां कई उड़ानों में देरी की खबर है।
मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए पूरे बिहार में 5 जनवरी तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे की तीव्रता बनी रह सकती है। दिसंबर के अंत तक शीतलहर से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं जताई गई है। वहीं नए साल की शुरुआत भी ठंडे मौसम के साथ होने की संभावना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस मौसम में खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार बढ़ती ठंड के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर खतरा ज्यादा बढ़ गया है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक ठंड से हाइपोथर्मिया का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। कई जिलों में रैन बसेरों की व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है, ताकि खुले में रहने वाले लोगों को ठंड से राहत मिल सके। अलाव जलाने की संख्या बढ़ाई गई है और जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण भी किया जा रहा है। स्कूलों के समय में बदलाव और कुछ जगहों पर कक्षाएं स्थगित करने जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
किसानों के लिए भी यह मौसम चिंता का कारण बना हुआ है। कोहरे और कम धूप के कारण रबी फसलों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की नियमित निगरानी करें और आवश्यकतानुसार सिंचाई व संरक्षण के उपाय अपनाएं।
कुल मिलाकर बिहार में ठंड और कोहरे का यह दौर फिलहाल थमने के आसार नहीं दिखा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आम लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, मौसम से जुड़ी अपडेट पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियां जरूर अपनाएं।





