1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 16, 2025, 5:42:30 PM
गया जिले का नाम बदला - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में चल रही नीतीश कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हो गई है। कैबिनेट की बैठक में तमाम विभागों के मंत्री मौजूद रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 69 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी है, जिसमें अब गया का नाम बदलकर नया नाम रख दिया गया है।
बैठक में गया जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया था। अब 'गया जी' के नाम से गया जिले का नया नाम का घोषणा किया गया है। यह कदम राज्य सरकार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
बता दें कि स्थानीय संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा लंबे समय से गया का नाम बदलकर 'गया जी' करने की मांग की जा रही थी। यह स्थान भगवान बुद्ध और भगवान विष्णु की कथाओं से भी जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार ने इस मांग को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया और आज कैबिनेट की बैठक में इसे औपचारिक रूप से मंजूरी प्रदान कर दी।
अन्य प्रमुख प्रस्तावों पर भी मुहर
कैबिनेट बैठक में गया नाम परिवर्तन के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनमें शामिल हैं:
जल जीवन हरियाली कार्यक्रम को 25 से 26 26 से 29 30 तक बढ़ाया जाएगा
दरभंगा जिले के जलापूर्ति के लिए 186 करोड रुपए की मंजूरी
औरंगाबाद जिले के जलापूर्ति के लिए 72 करोड रुपए की मंजूरी
सोनपुर में सोनपुर आयोजन क्षेत्र की विस्तार को मंजूरी
बोधगया शहर के लिए जल पूर्ति परियोजना को मंजूरी
28 जिलों में यातायात थानों की स्थापना।
भागलपुर में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय बनेगा
अररिया में अल्पसंख्यक विद्यालय बनेगा
गोपालगंज में भी अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय बनेगा
मेट्रो के लिए 2 करोड़ 56 लाख 9 हजार करोड रुपए का भुगतान की अनुमति
जन्म मृत्यु से संबंधित आवेदन का निष्पादन ग्राम पंचायत स्तर पर होगा
मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और गया में मेट्रो परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी।
राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने हेतु प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति। इसके अलावा कई अहम प्रस्तावों को शामिल किया गया है।
राज्य सरकार ने यह फैसला गया की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए लिया है। यह नाम परिवर्तन बिहार की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गया विश्व प्रसिद्ध बौद्ध और हिंदू तीर्थ स्थल है, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पिंडदान और पर्यटन के लिए पहुंचते हैं।