Bihar Cabinet Expansion 2026 : बिहार की राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज एक बार फिर बड़े राजनीतिक और ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार आज दोपहर आयोजित होगा, जिसमें कई नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस समारोह को लेकर पूरे बिहार में राजनीतिक हलचल तेज है और राजधानी पटना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जानकारी के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 12 बजे शुरू होने की संभावना है। बिहार के राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह में देश की राजनीति के कई बड़े चेहरे शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई वीवीआईपी नेताओं की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और खास बना देगी।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब 11 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं। वहां से वे सड़क मार्ग से गांधी मैदान तक जाएंगे। पीएम मोदी के स्वागत के लिए राजधानी के कई प्रमुख स्थानों पर विशेष तैयारियां की गई हैं। सड़क किनारे बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे रूट पर कड़ी निगरानी व्यवस्था की है।
इस कैबिनेट विस्तार को बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। बीते 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अब मंत्रिपरिषद के विस्तार के साथ सरकार को पूर्ण रूप मिलने की उम्मीद है। बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या के अनुसार राज्य में अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में आज कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, बुधवार शाम पटना पहुंचने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेहरू पथ स्थित पंचरूपी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी उनके साथ मौजूद रहे। सभी नेताओं ने मंदिर में हनुमान जी की आरती कर देश और बिहार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर में गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने किया। इस अवसर पर मंदिर न्यास समिति के सदस्य, पुजारी और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंदिर में नेताओं के पहुंचने के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार आगामी चुनावी रणनीति और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। भाजपा और जदयू दोनों ही दल क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश में हैं। ऐसे में आज होने वाला शपथ ग्रहण समारोह बिहार की राजनीति में नए संदेश और नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।
राजधानी पटना में सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। गांधी मैदान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है और हजारों की संख्या में समर्थकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पूरे राज्य की निगाहें अब इस ऐतिहासिक समारोह पर टिकी हुई हैं।





