1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 11, 2026, 11:08:08 AM
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Bihar News : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रचार और चुनावी रणनीति पर खर्च के मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी दलों से काफी आगे रही। चुनाव आयोग को सौंपे गए खर्च के ब्योरे के मुताबिक बीजेपी ने इस चुनाव में कुल 146.71 करोड़ रुपये खर्च किए, जो अन्य दलों के मुकाबले सबसे अधिक है। दूसरी ओर कांग्रेस ने 35.07 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि सीपीआई (एम) ने केवल 26.75 लाख रुपये और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 9.01 करोड़ रुपये खर्च किए। आरजेडी और जेडीयू समेत कई अन्य दलों ने अभी तक अपना खर्च का पूरा लेखा-जोखा चुनाव आयोग को उपलब्ध नहीं कराया है।
रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार तीन गुना से भी अधिक रकम चुनाव प्रचार पर खर्च की है। साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने करीब 54.72 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि 2025 के चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर 146.71 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चुनावी खर्च में हुई इस बढ़ोतरी को पार्टी की आक्रामक प्रचार रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
चुनाव परिणामों में भी बीजेपी का यह निवेश सफल साबित हुआ। पार्टी बिहार विधानसभा में 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। अगर चुनाव खर्च को जीती गई सीटों के हिसाब से देखें तो बीजेपी को एक विधायक जीतने में औसतन लगभग 1 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च करने पड़े।
बीजेपी ने अपने कुल चुनावी खर्च का बड़ा हिस्सा प्रचार और सियासी माहौल बनाने पर लगाया। पार्टी ने प्रचार और विज्ञापनों पर 43.53 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि स्टार कैंपेनर्स की यात्रा पर 37.28 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके अलावा अन्य नेताओं की यात्रा पर 4.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए। डिजिटल प्रचार के लिए भी पार्टी ने बड़ा बजट रखा। गूगल इंडिया लिमिटेड को ही बीजेपी ने विज्ञापन के लिए 14.27 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसके साथ ही पार्टी ने अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए आर्थिक मदद के तौर पर 29.71 करोड़ रुपये दिए।
दूसरी तरफ कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 35.07 करोड़ रुपये खर्च किए। कांग्रेस के खर्च का बड़ा हिस्सा स्टार कैंपेनर्स की यात्रा और सोशल मीडिया प्रचार पर गया। पार्टी ने स्टार कैंपेनर्स की यात्रा पर 12.83 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि सोशल मीडिया अभियान पर 11.24 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके अलावा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बिहार में निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा पर भी पार्टी ने खर्च किया।
हालांकि कुल खर्च के मामले में कांग्रेस बीजेपी से काफी पीछे रही, लेकिन अपनी कुल जमा पूंजी के हिसाब से उसने बड़ा हिस्सा चुनाव में लगा दिया। चुनाव से पहले कांग्रेस के पास करीब 124.2 करोड़ रुपये की जमा पूंजी थी, जिसमें से 35.07 करोड़ रुपये चुनाव में खर्च कर दिए गए। इस तरह कांग्रेस ने अपनी कुल जमा पूंजी का करीब 28.23 फीसदी बिहार चुनाव में खर्च किया। इसके बावजूद पार्टी को सिर्फ 6 सीटों पर ही जीत मिल सकी। अगर खर्च को सीटों के हिसाब से देखें तो कांग्रेस को एक विधायक जीतने में करीब 5 करोड़ 83 लाख रुपये खर्च करने पड़े।
वहीं बीजेपी की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत दिखाई देती है। चुनाव के बाद पार्टी के पास 7,088.58 करोड़ रुपये का क्लोजिंग बैलेंस बचा था। चुनाव से पहले बीजेपी के पास 7,235.26 करोड़ रुपये की कुल जमा पूंजी थी, जिसमें से 146.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस हिसाब से बीजेपी ने अपनी कुल जमा पूंजी का करीब 2 फीसदी ही बिहार चुनाव में खर्च किया।
चुनावी खर्च के इन आंकड़ों से साफ है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रचार और संसाधनों के मामले में बीजेपी ने सबसे आक्रामक रणनीति अपनाई, जिसका असर चुनाव परिणामों में भी देखने को मिला। वहीं कांग्रेस ने अपनी सीमित संसाधनों के बावजूद चुनाव में बड़ा दांव लगाया, लेकिन सीटों के मामले में उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।