Bihar News : पटना जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिले में हाईवे किनारे फैले अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की समस्या को समाप्त करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगले 15 दिनों के भीतर राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे संचालित हो रहे अवैध ढाबों, अस्थायी दुकानों और अनधिकृत पार्किंग स्थलों को हटाया जाए।
इस संबंध में जिला पदाधिकारी एसएम त्यागराजन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण और उससे उत्पन्न हो रही यातायात समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क किनारे अवैध रूप से चल रहे ढाबों और पार्किंग स्थलों के कारण यातायात बाधित होता है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। कई स्थानों पर भारी वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडराता है। इसी को देखते हुए अभियान के तहत अवैध रूप से पार्क किए गए ट्रकों और अन्य वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को जब्त भी किया जाएगा। डीएम और एसएसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
अधिकारियों ने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए हाईवे किनारे होने वाले अतिक्रमण और अनधिकृत गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस अभियान के सफल होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।
उधर, जिला पदाधिकारी एसएम त्यागराजन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत दायर द्वितीय अपीलों की भी समीक्षा की। सुनवाई के दौरान कुल 14 मामलों का निष्पादन किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण मामले में बिहटा अंचल क्षेत्र की गैर-मजरुआ मलिक भूमि से जुड़े अवैध भूमि अभिलेखों का मुद्दा सामने आया। मामले की जांच के दौरान यह पाया गया कि अवैध जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई है। इस पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित राजस्व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।
डीएम ने बिहटा के अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि 24 घंटे के भीतर फॉर्म-ए तैयार कर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही अतिरिक्त समाहर्ता को निर्देशित किया गया कि संबंधित भूमि खाते के अंतर्गत दर्ज सभी अवैध जमाबंदियों को रद्द करने का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किया जाए।
जिला प्रशासन ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी और सभी निर्णय प्रचलित नियमों एवं कानूनों के अनुसार लिए जाएंगे। प्रशासन की इस सख्ती से स्पष्ट है कि अब न केवल हाईवे अतिक्रमण बल्कि सरकारी भूमि से जुड़े अनियमित मामलों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।





