Bihar News : बिहार में लगातार बढ़ रहे नदियों के जलस्तर का असर अब रेल परिचालन पर भी पड़ने लगा है। पटना-गया रेलखंड पर पुनपुन नदी का पानी रेल पुल तक पहुंचने के बाद रेलवे ने सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। गया-पटना रेलखंड की डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। वहीं, अप लाइन से ट्रेनों को धीमी गति और विशेष सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है।
गया-पटना रेलखंड पर पुनपुन नदी के ऊपर बने पुल संख्या-21 के ऊपरी हिस्से तक पानी पहुंच गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की टीम मौके पर निगरानी कर रही है। पुल के साथ रेलपथ की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
डाउन लाइन पर परिचालन बंद, चार मेमू ट्रेनें रद्द
रेलवे के मुताबिक शुक्रवार रात से किलोमीटर संख्या 11/38 से 32 के बीच डाउन लाइन पर ट्रेन परिचालन निलंबित कर दिया गया है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी।
इसका सीधा असर शनिवार को चलने वाली मेमू ट्रेनों पर पड़ा है। गया और पटना के बीच चलने वाली चार मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इनमें 63242 गया-पटना मेमू, 63244 गया-पटना मेमू, 63245 पटना-गया मेमू और 63247 पटना-गया मेमू शामिल हैं।
«⚠️ यात्रियों के लिए अलर्ट
पटना-गया रेलखंड पर यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। चार मेमू ट्रेनें शनिवार को रद्द रहेंगी। डाउन लाइन पर परिचालन भी अगले आदेश तक बंद है। इसलिए गया, पुनपुन, तारेगना, जहानाबाद और पटना के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्री स्टेशन निकलने से पहले रेलवे का ताजा अपडेट जरूर देख लें। जरूरी यात्रा होने पर वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था करके चलें।»
दैनिक यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
पटना-गया रेलखंड पर मेमू ट्रेनें बड़ी संख्या में दैनिक यात्रियों के लिए परिवहन का प्रमुख साधन हैं। इन चार ट्रेनों के रद्द होने से नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी काम के लिए रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
खासकर पुनपुन, तारेगना और जहानाबाद से पटना या गया आने-जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर परिचालन पर असर बढ़ने की भी आशंका है।
अप लाइन पर धीमी रफ्तार में चलेंगी ट्रेनें
फिलहाल रेलवे ने अप लाइन का परिचालन पूरी तरह बंद नहीं किया है। इस लाइन पर ट्रेनों को नियंत्रित गति और विशेष सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है। रेलवे की इंजीनियरिंग और परिचालन टीम स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है।
रेलवे के लिए इस समय यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक पानी कम नहीं होता, डाउन लाइन पर परिचालन बहाल करने का जोखिम नहीं लिया जाएगा।
पानी घटने के बाद होगा ट्रैक और पुल का निरीक्षण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार जलस्तर कम होने के बाद इंजीनियरिंग विभाग पुल और रेलपथ का विस्तृत निरीक्षण करेगा। ट्रैक और पुल को पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही डाउन लाइन पर परिचालन बहाल किया जाएगा।
फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि बिना ट्रेन की स्थिति की पुष्टि किए स्टेशन के लिए रवाना न हों। रेलवे की ओर से परिचालन बहाली को लेकर जैसे ही कोई नया निर्णय लिया जाएगा, उसके अनुसार ट्रेनों की आवाजाही में बदलाव किया जा सकता है।
पुनपुन नदी का बढ़ता जलस्तर फिलहाल रेलवे के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों को भी सतर्क रहने और यात्रा से पहले ताजा जानकारी लेने की जरूरत है।





