Bihar News : पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र की पंजाबी कॉलोनी में रविवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। घर के पास गली में साइकिल चला रहे दूसरी कक्षा के मासूम बच्चे को तेज रफ्तार बाइक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान सनोज कुमार के बेटे उत्कर्ष कुमार के रूप में हुई है। उत्कर्ष रघुनाथ टोला स्थित स्प्रिंडल पब्लिक स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था।
छुट्टी का दिन था, घर के पास साइकिल चला रहा था उत्कर्ष
रविवार होने की वजह से स्कूल बंद था। सुबह उत्कर्ष घर के पास गली में साइकिल चलाने निकला था। परिवार को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर बाद उनका इकलौता बेटा हमेशा के लिए उनसे दूर हो जाएगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उत्कर्ष अपनी साइकिल से गली में आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान पीछे से एक बाइक तेज रफ्तार में आती दिखाई दी। बाइक पर तीन युवक सवार थे। बाइक की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि चालक बच्चे को संभलने का मौका ही नहीं दे पाया और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद काफी दूर तक घसीटता चला गया बच्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उत्कर्ष साइकिल समेत सड़क पर गिर गया और काफी दूर तक घसीटता चला गया। हादसे के बाद बच्चा मौके पर ही अचेत हो गया। आसपास मौजूद लोग तत्काल मदद के लिए दौड़े और उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर जैसे ही मोहल्ले में फैली, मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ ही देर में बच्चे की मौत की खबर उसके परिवार तक पहुंची और घर में चीख-पुकार मच गई।
पड़ोसी ने बताया- 80 से 100 की स्पीड में थी बाइक
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसी विवेक कुमार ने घटना की भयावहता बताते हुए कहा कि बच्चा छुट्टी के कारण सुबह साइकिल चलाने के लिए गली में निकला था। इसी दौरान तीन युवक बाइक पर तेज रफ्तार में आए और बच्चे को टक्कर मार दी। विवेक के मुताबिक, बाइक की रफ्तार करीब 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे रही होगी। हालांकि बाइक की वास्तविक गति की पुष्टि पुलिस जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
बाइक पर तीन युवक सवार, दो गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद बाइक पर सवार तीनों युवक भी सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि एक युवक वहां से फरार हो गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक, बाइक चलाने वाले आरोपी की पहचान विशाल कुमार के रूप में हुई है। उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया गया है। विशाल मूल रूप से नेवारी मखदुमपुर, जहानाबाद का रहने वाला बताया गया है और वर्तमान में पटना के न्यू अलकापुरी रोड नंबर-9 में रहता है।
बाइक पर लगा था पुलिस का स्टिकर
हादसे में इस्तेमाल बाइक को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि बाइक पर पुलिस का स्टिकर लगा हुआ था। बाइक का नंबर 2884 बताया गया है। वहीं, पुलिस के अनुसार आरोपी विशाल कुमार के पिता बिहार पुलिस में कार्यरत हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बाइक पर पुलिस का स्टिकर क्यों लगा था और उसका इस्तेमाल किस आधार पर किया जा रहा था। घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं।
CCTV और मौके की तस्वीरों से खुलेगा हादसे का राज
घटना से जुड़ी तस्वीरों और आसपास के CCTV फुटेज में हादसे से पहले बच्चे को साइकिल से जाते हुए और उसके पीछे बाइक सवारों को तेज रफ्तार में आते हुए देखा गया है। जिस स्थान पर टक्कर हुई, वहां की तस्वीरें भी सामने आई हैं।पुलिस अब इन फुटेज और तस्वीरों की मदद से हादसे की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बाइक कौन चला रहा था, उसकी गति कितनी थी और तीनों युवक कहां से आ रहे थे। ट्रैफिक थानेदार ब्रजेश कुमार चौहान ने बताया कि बाइक चलाने वाले आरोपी विशाल कुमार और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है और फरार युवक की तलाश जारी है।
20 साल बाद मन्नतों से मिला था बेटा, अब घर में पसरा मातम
उत्कर्ष की मौत ने उसके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। बच्चे के पिता सनोज कुमार चितकोहरा बाजार में दुकान चलाते हैं। परिवार के मुताबिक, करीब 20 साल की मन्नत और पूजा-पाठ के बाद उत्कर्ष उनके घर आया था। वह परिवार का इकलौता चिराग था।
जिस बच्चे के साथ घर में हर दिन खुशियां जुड़ी थीं, उसकी अचानक मौत से परिवार सदमे में है। पिता के आंसू थम नहीं रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उत्कर्ष को लेकर उन्होंने कई सपने संजोए थे। लेकिन एक तेज रफ्तार बाइक ने कुछ ही सेकेंड में पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पंजाबी कॉलोनी में भी मातम का माहौल है। स्थानीय लोग तेज रफ्तार और लहरिया कट बाइक चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों और गलियों में इस तरह तेज गति से बाइक चलाना किसी बड़े हादसे को न्योता देना है।





