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Patna Ganga Water Level: पटना में गंगा का रौद्र रूप! गांधी घाट पर 50.58 मीटर पहुंचा पानी, हाथीदह में HFL से महज 2 CM नीचे

पटना में गंगा का जलस्तर बेहद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। गांधी घाट पर पानी 50.58 मीटर दर्ज हुआ है, जबकि हाथीदह में 43.50 मीटर पानी है। हाथीदह में जलस्तर बढ़ रहा है और HFL से महज 2 सेंटीमीटर नीचे है।

Patna Ganga Water Level: पटना में गंगा का रौद्र रूप! गांधी घाट पर 50.58 मीटर पहुंचा पानी, हाथीदह में HFL से महज 2 CM नीचे
Tejpratap
Tejpratap
7 मिनट

Patna Ganga Water Level: बिहार में गंगा के जलस्तर को लेकर चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। राजधानी पटना में गांधी घाट और हाथीदह समेत कई गंगा घाटों पर पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है। जल संसाधन विभाग के 6 सितंबर 2026 की सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि हाथीदह में यह 43.50 मीटर रहा।

पटना में गंगा के जलस्तर ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। राजधानी के गांधी घाट पर गंगा का पानी 50.58 मीटर पर दर्ज किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यहां पानी खतरे के निशान से करीब 1.96 मीटर ऊपर बह रहा है। वहीं, हाथीदह में गंगा का जलस्तर 43.50 मीटर दर्ज हुआ है, जो निर्धारित खतरे के निशान से 1.74 मीटर ऊपर है।

गंगा के दोनों महत्वपूर्ण गेज स्थलों पर पानी का स्तर सामान्य से काफी ऊपर रहने के कारण आसपास के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। खास बात यह है कि हाथीदह में जलस्तर का ट्रेंड बढ़ता हुआ (Rising) दर्ज किया गया है, जबकि गांधी घाट पर स्थिति फिलहाल स्थिर (Steady) बताई गई है।

गांधी घाट पर HFL से 1.96 मीटर ऊपर पानी

पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर इस समय सबसे ज्यादा चिंता का विषय बना हुआ है। जल संसाधन विभाग के सुबह 8 बजे के आंकड़े के अनुसार यहां पानी 50.58 मीटर पर है। आंकड़ों में गांधी घाट का खतरे का निशान यानी Danger Level 48.60 मीटर दिया गया है। इस लिहाज से गंगा का पानी खतरे के निशान से 1.98 मीटर ऊपर बैठता है। वहीं रिपोर्ट में इसे पुराने HFL 50.52 मीटर के मुकाबले भी ऊपर दर्ज किया गया है।

सुबह के आंकड़ों में गांधी घाट पर जलस्तर 5 बजे 50.57 मीटर, 6 बजे 50.57 मीटर, 7 बजे 50.56 मीटर और 8 बजे फिर 50.58 मीटर दर्ज किया गया। यानी रात और सुबह के बीच मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद पानी बेहद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। एक अलग घंटेवार रिकॉर्ड में गांधी घाट का नया HFL 50.58 मीटर भी चिह्नित किया गया है। इससे साफ है कि इस बार गंगा का जलस्तर बेहद ऊंचे स्तर तक पहुंच चुका है।

हाथीदह में भी बढ़ रहा गंगा का पानी

पटना जिले के ही हाथीदह में गंगा की स्थिति भी राहत देने वाली नहीं है। 6 सितंबर की सुबह 8 बजे यहां जलस्तर 43.50 मीटर दर्ज किया गया। हाथीदह का खतरे का निशान 41.76 मीटर है। इस हिसाब से नदी का पानी खतरे के निशान से 1.74 मीटर ऊपर बह रहा है। सबसे अहम बात यह है कि हाथीदह के लिए रिपोर्ट में ट्रेंड Rising यानी बढ़ता हुआ दर्ज किया गया है। घंटेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2 बजे गंगा का जलस्तर 43.48 मीटर, 3 बजे 43.48 मीटर, 4 बजे 43.48 मीटर, 5 बजे 43.49 मीटर, 6 बजे 43.49 मीटर और 7 बजे भी 43.49 मीटर रहा। इसके बाद 8 बजे यह 43.50 मीटर पहुंच गया। हाथीदह का HFL 43.52 मीटर दर्ज है। यानी सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर HFL से महज 2 सेंटीमीटर नीचे था। ऐसे में अगर जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी भी होती है तो यह पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर के बेहद करीब या उसे पार कर सकता है।

पटना के कई गेज स्थलों पर खतरे के निशान से ऊपर गंगा

पटना जिले में सिर्फ गांधी घाट और हाथीदह ही नहीं, बल्कि दीघाघाट और हथिदह जैसे गेज स्थलों पर भी गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। दीघाघाट में सुबह 8 बजे जलस्तर 51.99 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 50.45 मीटर से 1.54 मीटर ऊपर है। यहां ट्रेंड फिलहाल स्थिर बताया गया है। गांधी घाट की तुलना में दीघाघाट पर जलस्तर अधिक है, हालांकि दोनों स्थानों के गेज और खतरे के निशान अलग-अलग हैं। इससे पटना में गंगा के व्यापक दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दूसरे बैराजों से भी आ रहा पानी

जल संसाधन विभाग के 6 सितंबर सुबह 9 बजे तक के बैराज डिस्चार्ज आंकड़ों पर भी नजर डालें तो सोन बैराज, इंद्रपुरी से 2,27,739 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। हालांकि यहां डिस्चार्ज का ट्रेंड Falling यानी घटता हुआ है। वहीं कोसी बैराज, वीरपुर से 1,68,400 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जिसका ट्रेंड स्थिर है। गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर से 1,29,000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया और यहां भी ट्रेंड स्थिर बताया गया है। इन नदियों और बैराजों के जलप्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है, क्योंकि बिहार में नदियों का जलस्तर एक-दूसरे से जुड़े जलग्रहण क्षेत्रों और ऊपर से आने वाले पानी के कारण तेजी से बदल सकता है।

निचले इलाकों में बढ़ी चिंता, प्रशासन की निगरानी जरूरी

गांधी घाट और हाथीदह में गंगा का पानी बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद पटना के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है। खासकर हाथीदह में जलस्तर के बढ़ते ट्रेंड और HFL के बेहद करीब पहुंचने को महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। फिलहाल गांधी घाट पर जलस्तर स्थिर है, लेकिन 50.58 मीटर का स्तर अपने आप में गंभीर स्थिति है। वहीं हाथीदह में 43.50 मीटर का जलस्तर HFL से सिर्फ 2 सेंटीमीटर नीचे है।

ऐसे में अगले कुछ घंटों में गंगा के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से गेज स्थलों के साथ-साथ तटबंधों और निचले इलाकों की निगरानी लगातार जारी रखना जरूरी है।

कुल मिलाकर पटना में गंगा का दबाव अभी कम नहीं हुआ है। गांधी घाट पर पानी बेहद ऊंचे स्तर पर स्थिर है, जबकि हाथीदह में नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले घंटों के आंकड़े पटना और आसपास के इलाकों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।