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VTR से निकले बाघ ने फिर बदला ठिकाना, खेतों में मिले ताजा पैरों के निशान; ग्रामीणों में डर का माहौल

Bihar News: पश्चिम चंपारण में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकले बाघ की हलचल से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। रामनगर प्रखंड के धनरपा इलाके में बाघ के ताजा पगचिह्न मिलने के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। लगातार जगह बदल रहे बाघ को लेकर आसपास...

VTR से निकले बाघ ने फिर बदला ठिकाना, खेतों में मिले ताजा पैरों के निशान; ग्रामीणों में डर का माहौल
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Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकला बाघ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है. गुरुवार सुबह धनरपा और भावल गांव के पश्चिम स्थित मसान नदी के सरेह में बाघ के ताजा पगचिह्न मिले. बाघ की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया. वन विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है.


ताजा पगचिह्न मिलने की सूचना पर रघिया वन क्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची. वनपाल सूर्यकांत कुमार के नेतृत्व में वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पगचिह्नों की जांच की और बाघ की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू कर दिया. रघिया वन क्षेत्र के रेंजर राजेश राम ने बताया कि धनरपा क्षेत्र में बाघ के ताजा पगचिह्न मिले हैं. बाघ लगातार अपना मूवमेंट बदल रहा है, इसलिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है.


बाघ के लगातार स्थान बदलने से खेतों में काम करने वाले किसानों और आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. वन विभाग ने लोगों से अकेले खेतों में नहीं जाने की अपील की है. ग्रामीणों को बच्चों को घर के आसपास रखने और मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है.


पिछले सप्ताह बड़ा बेलवा गांव में बाघ ने एक बछड़े का शिकार किया था. वन विभाग के अनुसार, घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है. ऐसे में बाघ के दोबारा भोजन की तलाश में मवेशियों का शिकार करने की आशंका जताई जा रही है. इसी वजह से वन विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है.


पिछले 15 दिनों के दौरान बाघ कई बार अपना ठिकाना बदल चुका है. सबसे पहले उसके पगचिह्न धनरपा के मसान नदी सरेह में मिले थे. इसके बाद बाघ भावल, सबुनी, बरवा बंजरिया और बड़ा बेलवा क्षेत्र में भी देखा गया.


सोमवार को जंगल की ओर बाघ के पगचिह्न मिलने के बाद उसके वाल्मीकि टाइगर रिजर्व लौटने की संभावना जताई गई थी. हालांकि, इसके बाद डुमरी क्षेत्र के पास उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली और अब एक बार फिर धनरपा के सरेह में ताजा पगचिह्न मिलने से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है.


वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाघ दिखाई देने या उसके पगचिह्न मिलने पर उसके पास जाने या उसे घेरने का प्रयास न करें. किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तुरंत वन विभाग को जानकारी दें.