1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 27, 2025, 8:11:46 AM
बिहार टीचर न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Teacher News: बिहार के स्कूलों में अब शिक्षकों के ड्रेस को लेकर एक नया मामला सामने आया है, और शिक्षकों के लिए निर्देश जारी किया गया है कि अब शिक्षक स्कूल में जिन्स और टी-शर्ट नहीं पहनकर आ सकते है। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के स्कूलों में उपस्थिति की कमी और अनुशासनहीनता को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक अब आई कार्ड लगाकर ही विद्यालय में उपस्थित होंगे, साथ ही शिक्षा विभाग की सभी बैठकों में भी आई कार्ड पहनना अनिवार्य होगा।
शि्क्षा जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय में शिक्षक जींस, पैंट अथवा टी-शर्ट पहनकर नहीं आएंगे। शैक्षणिक कार्य के दौरान उचित और नियमित ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य होगा। आई कार्ड बनाने की प्रक्रिया का खर्च विद्यालय के कंपोजिट ग्रांट से विद्यालय प्रबंधन द्वारा वहन किया जाएगा। शिक्षक विभाग की समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि जिले के प्लस टू हाई स्कूलों में नामांकित छात्रों की संख्या के मुकाबले उनकी उपस्थिति बेहद कम हो रही है। इसे देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अब विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन बच्चों के मोबाइल नंबर अभिभावकों से लिया जाएगा, ताकि यदि छात्र लगातार अनुपस्थित रहते हैं तो विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों से संपर्क कर स्थिति का पता लगा सके। इसका उद्देश्य यह जानना है कि छात्र स्कूल क्यों नहीं आ रहे हैं, क्या उनकी तबीयत खराब है, या वे स्कूल के बजाय कहीं और जा रहे हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि बच्चों की गैरहाजिरी की स्थिति में उनके अभिभावकों या स्वयं छात्र से संपर्क किया जाएगा। यदि छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं, तो उनकी अनुपस्थिति के कारणों को स्पष्ट करना होगा। इस पहल से स्कूल में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में सुधार की उम्मीद है।
इस नए आदेश के तहत सभी विद्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से बच्चों की उपस्थिति की रिपोर्ट जिला शिक्षा कार्यालय को भेजें। साथ ही अभिभावकों को स्कूल की गतिविधियों और बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता लाना और उनके नियमित विद्यालय आगमन को सुनिश्चित करना है। इसके लिए हम कड़े कदम उठा रहे हैं ताकि शिक्षा का स्तर बेहतर हो सके।”