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कोरोना का कहर: सवारी नहीं मिली तो 170 किलोमीटर पैदल चल कर बेतिया पहुंचे 5 युवक, गोरखपुर से रेल पटरी पकड़ कर पहुंचे

BETIAH : कोरोना के कहर के बीच बेतिया के चनपटिया के 5 युवक 170 किलोमीटर पैदल चल कर अपने घर पहुंच गये. पांचो युवक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक कारखाने में मजदूरी करते थे. लॉक डाउन

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

BETIAH : कोरोना के कहर के बीच बेतिया के चनपटिया के 5 युवक 170 किलोमीटर पैदल चल कर अपने घर पहुंच गये. पांचो युवक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक कारखाने में मजदूरी करते थे. लॉक डाउन हुआ तो मालिक ने घर जाने को कह दिया था लेकिन कोई सवारी ही नहीं मिली.

बेतिया के पांच युवकों की जद्दोजहद

गोरखपुर के कारखाने में मजदूरी करने वाले इन युवकों को मंगलवार को ही मालिक ने घर जाने को कह दिया था. मालिक के मना करने के बाद उनके पास गोरखपुर में रहने की कोई जगह नहीं थी, लिहाजा घऱ लौटने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा था. लेकिन ट्रेन से लेकर बस तक का परिचालन बंद हो गया था. लिहाजा उन्होंने पैदल ही घर जाने की ठान ली.

पैदल तक की 170 किलोमीटर की दूरी

पश्चिम चंपारण के चनपटिया के रहने वाले ये पांचो युवक पश्चिम चंपारण के चनपटिया के निवासी हैं. उन्होंने गोरखपुर से बगहा जाने वाली रेल पटरी को पकड़ कर पैदल चलना शुरू कर दिया. मंगलवार की सुबह उन्होंने चलना शुरू कर दिया. 110 किलोमीटर की दूरी तय कर वे बुधवार की सुबह बगहा पहुंच गये.

पांचों युवक के घर चनपटिया की दूरी बगहा से 60 किलोमीटर है. उन्हें उम्मीद थी कि बगहा से चनपटिया के लिए कोई गाड़ी मिल जायेगी. लेकिन जब वे बगहा पहुंचे तो वहां भी किसी गाडी का परिचालन नहीं हो रहा था. लिहाजा वे बगहा से भी पैदल ही चनपटिया के लिए रवाना हो गये. 

बगहा में हुई युवकों की मेडिकल जांच

बुधवार की सुबह बगहा पहुंचने के बाद प्रशासन ने उन्हें अस्ताल भेज दिया. बगहा अनुमंडल अस्पताल में प्रारंभिक जांच में उनमें कोरोना के लक्षण नहीं पाये गये. लिहाजा प्रशासन ने उन्हें 14 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दिया और घर जाने के लिए छोड़ दिया.

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