ब्रेकिंग
नेपाल में फ्लैश फ्लड, बिहार में बढ़ी टेंशन! गंडक बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, इन इलाकों पर नजरनेपाल में तबाही के बाद बिहार में बढ़ा बाढ़ का खतरा! गंडक बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ाBihar News : बिहार के हर जिले में बनेगी साइंस सिटी! जीविका दीदियों को 25 लाख सोलर का बड़ा टारगेट, CM सम्राट ने दिए ये निर्देशBihar weather : बिहार में फिर बदला मौसम, आज इन जिलों में झमाझम बारिश के साथ तेज आंधी का अलर्ट नेपाल के बाढ़ का पानी गंडक बैराज पहुंचा, बढ़ा जलस्तर, जल संसाधन विभाग ने कहा- घबराएं नहीं, सतर्क रहेंनेपाल में फ्लैश फ्लड, बिहार में बढ़ी टेंशन! गंडक बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, इन इलाकों पर नजरनेपाल में तबाही के बाद बिहार में बढ़ा बाढ़ का खतरा! गंडक बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ाBihar News : बिहार के हर जिले में बनेगी साइंस सिटी! जीविका दीदियों को 25 लाख सोलर का बड़ा टारगेट, CM सम्राट ने दिए ये निर्देशBihar weather : बिहार में फिर बदला मौसम, आज इन जिलों में झमाझम बारिश के साथ तेज आंधी का अलर्ट नेपाल के बाढ़ का पानी गंडक बैराज पहुंचा, बढ़ा जलस्तर, जल संसाधन विभाग ने कहा- घबराएं नहीं, सतर्क रहें

नेपाल में फ्लैश फ्लड, बिहार में बढ़ी टेंशन! गंडक बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, इन इलाकों पर नजर

नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड का पानी गंडक बैराज पहुंच गया। जलप्रवाह बढ़ने के बाद 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। डिस्चार्ज 2 लाख क्यूसेक तक पहुंचने का अनुमान है।

Bihar news
Bihar news
© Ai photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड का असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। बुधवार रात नेपाल से आई बाढ़ की लहर गंडक बैराज तक पहुंच गई। इसके बाद बैराज पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ने लगा और रात करीब साढ़े आठ बजे से जलप्रवाह में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्थिति को देखते हुए रात 12 बजे तक गंडक बैराज से करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।


जल संसाधन विभाग ने आशंका जताई है कि गंडक बैराज से पानी का अधिकतम डिस्चार्ज करीब दो लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। ऐसे में गंडक नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन को सतर्क रहने और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।


अचानक बढ़ा गंडक में पानी

नेपाल में भारी जलप्रवाह और फ्लैश फ्लड के कारण गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ा। इसका सीधा असर गंडक बैराज पर पड़ा। बुधवार रात साढ़े आठ बजे के बाद बैराज में पानी की आवक बढ़ने लगी। कुछ ही घंटों में जलप्रवाह इतना बढ़ गया कि बैराज से बड़े पैमाने पर पानी छोड़ना पड़ा।


रात 12 बजे तक 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में डिस्चार्ज दो लाख क्यूसेक तक जा सकता है। यही वजह है कि नदी के निचले इलाकों और तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।


प्रशासन अलर्ट, तटवर्ती इलाकों पर नजर

गंडक में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड में रखा गया है। संबंधित अधिकारियों को नदी के जलस्तर और बैराज से छोड़े जा रहे पानी की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी नदी के करीब नहीं जाने और प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।


बाढ़ की स्थिति में सबसे ज्यादा खतरा नदी किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों को होता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन संभावित परिस्थितियों के अनुसार तैयारी कर रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं को ही सही मानें।


14 जुलाई को भी आया था बड़ा जलप्रवाह

गंडक नदी में इससे पहले भी इस मानसून सीजन में बड़े जलप्रवाह की स्थिति बन चुकी है। विभागीय स्तर पर 14 जुलाई को अधिकतम डिस्चार्ज का उल्लेख किया गया है। लगातार बदल रहे मौसम और नेपाल में होने वाली भारी बारिश का सीधा असर गंडक नदी के जलस्तर पर पड़ता है।


नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश होने पर उसका पानी तेजी से नदियों के जरिए बिहार की ओर आता है। यही कारण है कि नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड का असर कुछ ही घंटों में बिहार के गंडक क्षेत्र में दिखाई देने लगा।


सीएम ने की हाई लेवल मीटिंग

बाढ़ की आशंका के बीच राज्य सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ और जलप्रवाह से जुड़े हालात को लेकर हाई लेवल बैठक की है। बैठक में अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली गई और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।


फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती गंडक नदी में बढ़ते जलप्रवाह पर नजर बनाए रखना है। अगर डिस्चार्ज अनुमान के मुताबिक दो लाख क्यूसेक तक पहुंचता है तो तटवर्ती इलाकों में दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन की नजर बैराज, नदी के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर बनी हुई है।