ब्रेकिंग
कैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तार

प्रिंसिपल की होने लगी विदाई तो फूट-फूट कर रोने लगी छात्राएं, पैर पकड़ लगी रोकने

NAWADA: शिक्षक से छात्र और छात्राओं का ऐसा लगाव हुआ कि जब प्रिंसिपल की स्कूल से विदाई होने लगी थी छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगी है. यही नहीं ग्रामीण भी पह

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

NAWADA: शिक्षक से छात्र और छात्राओं का ऐसा लगाव हुआ कि जब प्रिंसिपल की स्कूल से विदाई होने लगी थी छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगी है.  यही नहीं ग्रामीण भी पहुंचे और प्रिंसिपल को जाने से रोकने लगे. यह मामला नवादा जिले के ओहारी इंटर कॉलेज की है.

हाथों से बरसा रही थी फूल, आंखों से गिर रहे थे आंसू

प्रिंसिपल यमुना प्रसाद की विदाई के लिए पूरी तरह से तैयारी की गई थी. कार को फूलों से सजाया गया था. विदाई के दौरान छात्राएं प्रिंसिपल पर फूल बरसा रही थी और आंखों से आंसू गिर रहे थे. यमुना प्रसाद छात्राओं को समझा रहे थे. लेकिन वह समझने को तैयार नहीं थी. 

स्कूल से निकले तो ग्रामीणों ने रोका

जब युमना प्रसाद स्कूल से किसी तरह से छात्राओं को समझाकर बाहर निकले ही कि बाहर ग्रामीणों ने घेर लिया और उनसे नहीं जाने की गुजारिश करने लगे. ग्रामीणों को आश्वास्त किया कि सरकारी सेवा की उम्र खत्म हुई है, उनकी सेवा जारी रहेगी तब ग्रामीणों ने उन्हें जाने दिया. बताया जा रहा है कि यमुना प्रसाद ने दस साल की सेवा अवधि में ग्रामीणों का दिल जीत लिया. स्कूल उनके लिए घर के समान, टीचर परिवार और बच्चे को संतान जैसा मानते थे. जिसके कारण उनके छात्राओं का लगा अधिक था.


संबंधित खबरें