Bihar News : बिहार के नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। जिस घटना को शुरुआत में शराब तस्करों की गोलीबारी से जोड़कर देखा जा रहा था, जांच में उसकी कहानी ही बदल गई। पुलिस के मुताबिक, अजीत की मौत अपनी ही टीम के होमगार्ड जवान की राइफल से चली गोली लगने से हुई। इस मामले में महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा अजीत और दारोगा पुष्पा के कथित प्रेम संबंधों को लेकर हो रही है।
क्या दोनों के बीच सामान्य सहकर्मियों से अलग कोई रिश्ता था? क्या अजीत की मौत के बाद घटनाक्रम को दूसरी दिशा देने की कोशिश की गई? या फिर यह एक कार्रवाई के दौरान हुई दुर्घटना थी, जिसे छिपाने के लिए गलत कहानी बनाई गई? फिलहाल ये सवाल जांच के दायरे में हैं। पुलिस ने दोनों के बीच संबंधों की चर्चा की जांच की बात कही है, लेकिन अफेयर की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआत में सिपाही की मौत का आरोप शराब तस्करों पर लगाया गया था। अब जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, गोली उसी टीम के होमगार्ड जवान की राइफल से चली थी, जिसके साथ अजीत कार्रवाई में शामिल था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर घटना के बाद अधिकारियों को सही जानकारी देने में देरी क्यों हुई और शराब तस्करों पर गोली चलाने का आरोप किस आधार पर लगाया गया?
14 अक्टूबर की रात नालंदा जिले के गिरियक थाना क्षेत्र में बिहारशरीफ-नवादा मार्ग पर यह घटना हुई थी। जानकारी के मुताबिक, पटना से आई उत्पाद पुलिस की टीम शराब से लदी पिकअप वैन का पीछा कर रही थी। टीम में शामिल महिला दारोगा पुष्पा कुमारी गिरियक पुल के पास मौजूद थीं। इसी दौरान अजीत ने उन्हें बताया कि वाहन पुल के नीचे से जा रहा है। इसके बाद टीम की गतिविधियां बदलीं और पीछा करने के दौरान होमगार्ड जवान रिशु कुमार ने राइफल से तीन राउंड फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, दो गोलियां मिसफायर हुईं, जबकि एक गोली चली और अजीत के सिर के पिछले हिस्से में लगी।
इस घटना में अजीत की मौत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बाद में पटना ले जाने के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई। नालंदा के एसपी हृदयकांत के मुताबिक, मामले में अधिकारियों को गुमराह करने और घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी छिपाने के आरोपों की जांच की जा रही है। जिस राइफल से गोली चली, उसे जब्त कर लिया गया है। घटना में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त किया गया है। पूरे मामले की जांच राजगीर डीएसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है।
अब इस केस में कथित प्रेम संबंधों की चर्चा ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। सवाल यह है कि अजीत और पुष्पा के बीच वास्तव में किस तरह के संबंध थे और क्या उनका इस घटना से कोई संबंध था? फिलहाल पुलिस ने ऐसा कोई निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे यह साबित हो कि कथित रिश्ता ही घटना की वजह था। इसलिए अफेयर की चर्चा को अभी आरोप और जांच का विषय ही माना जाना चाहिए।
पुलिस ने इस मामले में दारोगा पुष्पा कुमारी, होमगार्ड जवान रिशु कुमार, दीनानाथ, सन्नी कुमार, सिपाही अनूप कुमार और दो निजी वाहन से जुड़े लोगों समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में शराब तस्करी के नेटवर्क और छापेमारी की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।
अजीत की मौत अब सिर्फ इस सवाल तक सीमित नहीं है कि गोली किसकी राइफल से चली। मामला यह भी है कि घटना के बाद क्या हुआ, अधिकारियों को पूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई और क्या किसी ने सच्चाई छिपाने की कोशिश की? वहीं, पुष्पा और अजीत के कथित रिश्ते की चर्चा इस मामले का ऐसा पहलू बन गई है, जिस पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। हालांकि, यह तय होना अभी बाकी है कि इन चर्चाओं का घटना से कोई वास्तविक संबंध है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अजीत की मौत एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई साजिश थी।





