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1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 13 Oct 2025 08:11:48 AM IST
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है, हर महीने राज्य के सैकड़ों लोगों को ये अपराधी अपने जाल में फंसाकर उनके खाते से पैसे उड़ा लेते थे। ऐसे में अब पटना साइबर थाने की पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। नालंदा जिले के हिलसा से नीरज कुमार नामक आरोपी को गोपालपुर थाना क्षेत्र के कनौली टोला से धर दबोचा गया है।
उसके कब्जे से एक लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, पांच बैंकों के डेबिट कार्ड, चार सिम कार्ड, चार पासबुक और एक चेकबुक बरामद हुई है। पूछताछ में पता चला कि नीरज एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का हिस्सा था, जिसमें चार अन्य सदस्य भी शामिल हैं। ये साथी पुलिस की दबिश से पहले ही फरार हो चुके हैं और अब उनकी तलाश में छापेमारी जारी है। डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि गिरोह ने अब तक कई लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया है और जांच में और भी खुलासे होने वाले हैं।
गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग बजाज फाइनेंस कस्टमर केयर, गैस स्टोव रिपेयर सेंटर या नौकरी दिलाने वाली एजेंसी बनकर फर्जी वेबसाइटें बनाते थे। इन साइट्स पर मोबाइल नंबर अपलोड कर दिए जाते, और जैसे ही कोई जरूरतमंद कॉल करता तो आरोपी कस्टमर केयर का रोल अदा करते। झूठे बहाने बनाकर पीड़ितों से OTP, बैंक डिटेल्स या गोपनीय जानकारी निकाल ली जाती। फिर, पैसे ट्रांसफर कराने के बाद पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया जाता। नीरज ने कबूल किया कि ये गिरोह नौकरी के नाम पर भी युवाओं को लुभाता और उनके खातों से पैसे साफ कर देता। लैपटॉप और मोबाइल से मिले डेटा से कई बैंक ट्रांजेक्शन का ब्योरा सामने आया है जो पूरे नेटवर्क को उजागर कर सकता है।
साइबर थाने को गोपालपुर के बेईमान टोला में किराए के मकान से ठगी की टिप्स मिली थीं। तकनीकी लोकेशन ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने दबिश दी और नीरज को मौके से पकड़ लिया। उसके साथी भाग निकले, लेकिन उनके नाम और लोकेशन जल्द ही सामने आ जाएंगे। डीएसपी ने कहा कि ये गिरोह इंटरस्टेट लेवल पर काम कर रहा था, और हाल ही में शास्त्रीनगर के खाजपुरा होटल से 13 अन्य साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया था जो नालंदा, गयाजी, अररिया और मुजफ्फरपुर के रहने वाले थे। बिहार में साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ रही हैं और पुलिस 24x7 हेल्पलाइन (1930) के जरिए शिकायतें ले रही है।
कुल मिलाकर, ये गिरफ्तारी साइबर जागरूकता का संदेश देती है। लोग फर्जी कॉल्स पर OTP या बैंक डिटेल्स शेयर न करें। अगर आपका अकाउंट हैक हो गया है तो तुरंत बैंक और पुलिस से संपर्क करें। बिहार पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही है, ताकि आम आदमी सुरक्षित रहे। उम्मीद है कि बाकी आरोपी भी जल्द सलाखों के पीछे होंगे।