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सरकारी सिस्टम की खुली पोल! दिव्यांग को दे दी पंचर ट्राईसाइकिल, फिर युवक ने बाइक से खींचकर पहुंचाया घर

मुजफ्फरपुर में आयोजित एक सरकारी शिविर के दौरान दिव्यांग युवक को दी गई ट्राईसाइकिल पर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ ही देर बाद वाहन के खराब हो जाने से युवक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और घंटों तक वह सड़क किनारे बैठा रहा। इस घटना का वीडियो सामने आने

सरकारी सिस्टम की खुली पोल! दिव्यांग को दे दी पंचर ट्राईसाइकिल, फिर युवक ने बाइक से खींचकर पहुंचाया घर
Ramakant kumar
4 मिनट

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर में सरकारी लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए। यहां एक दिव्यांग युवक को सरकारी योजना के तहत बैटरी चालित ट्राईसाइकिल तो सौंप दी गई, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी खुशी मायूसी में बदल गई। वजह यह रही कि ट्राईसाइकिल ना सिर्फ रास्ते में बंद हो गई, बल्कि उसका चक्का भी पंचर निकला। इसके बाद दिव्यांग युवक घंटों तेज धूप में परेशान बैठा रहा, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसकी मदद करना जरूरी नहीं समझा।


पूरा मामला बोचहां प्रखंड की नरमा पंचायत स्थित रामप्यारी उच्च विद्यालय परिसर का है, जहां मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया गया था। शिविर में दिव्यांगजनों समेत कई लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा था। इसी दौरान धनुषी गांव निवासी दिव्यांग सुरेंद्र कुमार को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल दी गई। ट्राईसाइकिल मिलने के बाद सुरेंद्र काफी खुश दिखाई दिए। अधिकारियों के साथ उनकी तस्वीरें भी खिंचवाई गईं और सरकारी योजना की उपलब्धि गिनाई गई।


लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। जब सुरेंद्र कुमार ट्राईसाइकिल लेकर घर लौटने लगे, तभी कुछ दूरी पर वाहन बंद हो गया। उन्होंने कई बार उसे चालू करने की कोशिश की, लेकिन ट्राईसाइकिल स्टार्ट ही नहीं हुई। बाद में पता चला कि उसका चक्का भी पंचर है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्राईसाइकिल की हालत पहले से ही खराब थी और उसे चलाना लगभग नामुमकिन था।


इसके बाद सुरेंद्र कुमार तेज धूप में सड़क किनारे घंटों बैठे रहे। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि कई अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने भी तत्काल मदद करने की कोशिश नहीं की। दिव्यांग युवक बार-बार अपनी परेशानी बताता रहा, लेकिन उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं था।


पीड़ित सुरेंद्र कुमार ने कहा कि वह बड़ी उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचे थे। उन्हें लगा था कि सरकार की इस योजना से उनकी जिंदगी थोड़ी आसान हो जाएगी और आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। लेकिन खराब ट्राईसाइकिल मिलने के बाद उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने कहा कि अगर एक स्थानीय युवक मदद के लिए आगे नहीं आता, तो शायद उन्हें घंटों और सड़क पर परेशान होना पड़ता।


इसी बीच वहां मौजूद एक युवक ने इंसानियत की मिसाल पेश की। उसने अपनी बाइक के पीछे गमछा बांधा और खराब ट्राईसाइकिल को उससे जोड़ दिया। इसके बाद युवक धीरे-धीरे बाइक से ट्राईसाइकिल को खींचते हुए सुरेंद्र कुमार को उनके घर तक पहुंचाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। कई लोगों ने युवक की तारीफ की, जबकि सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए।


घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक तरफ दिव्यांग युवक सड़क किनारे परेशान बैठा है और दूसरी तरफ एक स्थानीय युवक अपनी बाइक से ट्राईसाइकिल खींचकर मदद करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोग सरकारी व्यवस्था की आलोचना कर रहे हैं।


मामले को लेकर बोचहां की बीडीओ प्रिया कुमारी ने कहा कि ट्राईसाइकिलें उसी दिन जिला मुख्यालय से लाई गई थीं। संभव है कि लाने के दौरान तकनीकी खराबी आ गई हो। उन्होंने माना कि कुछ ट्राईसाइकिलों में पंचर की शिकायत मिली है। बीडीओ ने कहा कि खराब ट्राईसाइकिल को जल्द ठीक कराया जाएगा और लाभुक को सही हालत में दोबारा सौंप दिया जाएगा।