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अयोध्या के बाद बिहार में भी भगवान के नाम पर बड़ा खेल! श्रीराम-जानकी के नाम दर्ज करोड़ों की बेच दी बेशकीमती जमीन

Government Land Registry Fraud: मुजफ्फरपुर में सरकारी जमीन से जुड़े एक बड़े मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि श्रीराम जानकी और अन्य देवी-देवताओं के नाम दर्ज करोड़ों की जमीन की खरीद-बिक्री में भू-माफिया...

अयोध्या के बाद बिहार में भी भगवान के नाम पर बड़ा खेल! श्रीराम-जानकी के नाम दर्ज करोड़ों की बेच दी बेशकीमती जमीन
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Government Land Registry Fraud: बिहार के मुजफ्फरपुर से जमीन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. आरोप है कि मुशहरी अंचल के भीखनपुर पंचायत में श्रीराम जानकी समेत अन्य देवी-देवताओं के नाम दर्ज करीब 17 एकड़ कीमती जमीन को भू-माफिया और कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से बेचा गया. मामला सामने आने के बाद पूरे प्रकरण की फिर से जांच कराने की बात कही गई है.


बताया जा रहा है कि यह जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग NH-77 और NH-57 के पास स्थित है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है. आरोप है कि साल 2007-08 से ही इस जमीन की खरीद-बिक्री का खेल चुपचाप चलता रहा. स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत भी की, लेकिन लंबे समय तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.


सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जमीन की रसीद आज भी श्रीराम जानकी और अन्य देवी-देवताओं के नाम पर कट रही है. ऐसे में किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दाखिल-खारिज होना नियम के अनुसार संभव नहीं था. इसी वजह से कई वर्षों तक ऐसे आवेदनों को अंचल कार्यालय की ओर से खारिज किया जाता रहा.


मामले में आरोप है कि साल 2019 में मुशहरी अंचल में तैनात एक तत्कालीन राजस्व कर्मचारी ने अपने रिश्तेदारों के नाम इस जमीन की रजिस्ट्री करा दी. सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक 1 जुलाई 2019 को एक रिश्तेदार के नाम 3.60 डिसमिल और 19 नवंबर 2019 को दूसरे रिश्तेदार के नाम 2 डिसमिल जमीन दर्ज की गई. इसके बाद उन्हीं जमीनों का दाखिल-खारिज भी मंजूर कर दिया गया.


आरोप यह भी है कि जिन फाइलों को पहले नियम के खिलाफ बताकर बार-बार खारिज किया जा रहा था, वही फाइलें बाद में तेजी से पास कर दी गईं. इस पूरे मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि उन्होंने संबंधित फाइलों पर बिना आपत्ति के मंजूरी दे दी.


इस मामले की शिकायत मिलने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पहले भी जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जांच रिपोर्ट आगे नहीं बढ़ सकी. अब मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता प्रशांत कुमार ने कहा है कि पूरे मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.