1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 12, 2025, 8:33:11 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में 11 अगस्त की शाम एक दुखद हादसे में 16 वर्षीय किशोर राजा उर्फ राजकुमार की पोखर में डूबने से मौत हो गई है। किशोर ने परिजनों को बिना बताए अपने दोस्तों के साथ पोखर में नहाने गया था, जहां वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की खबर सुनते ही किशोर के पिता उसराइल साह ने बेटे को बचाने के लिए पोखर में छलांग लगा दी, फिर स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की टीम शव की तलाश में जुटी, लेकिन रात के अंधेरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आई जिसके बाद सुबह ऑपरेशन को कंटीन्यू करने की बात कही गई।
मृतक राजा ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के सूतापट्टी में कपड़ा मंडी में काम करता था। उसराइल साह ने बताया कि उनका बेटा एक सप्ताह की छुट्टी के बाद सावन माह के जलाभिषेक के लिए गया था और सोमवार को घर लौटा था। शाम को उसने अपनी मां से खाना बनाने को कहा और बोला, “मैं थोड़ी देर में आता हूं।” इसके बाद वह बिना बताए दोस्तों के साथ पास के पोखर में नहाने चला गया। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। परिजनों को सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे, जहां पिता ने बेटे को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पिता को बाहर निकाला, लेकिन राजा का कोई पता नहीं चला।
ब्रह्मपुरा थाना प्रभारी विजय लक्ष्मी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। SDRF की टीम को बुलाया गया, जो किशोर के शव की तलाश में जुटी। रात के अंधेरे के कारण रेस्क्यू में परेशानी हुई इसलिए मंगलवार सुबह फिर से तलाश तेज करने की बात कही गई है।
इस दुखद घटना के बाद राजा के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पिता उसराइल साह और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुजफ्फरपुर में हाल के महीनों में डूबने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें बागमती और बूढ़ी गंडक नदियों में डूबने से कई लोगों की जान गई है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना अनुमति या उचित सुरक्षा के पोखर, नदियों या गहरे पानी में नहाने से बचें। खासकर बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने और गहराई का अनुमान न होने से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। परिजनों को भी सलाह दी गई है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। आपात स्थिति के लिए स्थानीय पुलिस या SDRF से संपर्क करें।