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विकास का दावा खोखला! पुल के लिए वर्षों से तरस रहे इस गांव के लोग, जान की बाजी लगा पार करते हैं नदी, JDU अध्यक्ष ललन सिंह का है संसदीय क्षेत्र

MUNGER: बिहार के चहुमुखी विकास का दावा करने वाली सरकार के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मामला सत्ताधारी दल जेडीयू के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के संसदीय क्षे

विकास का दावा खोखला! पुल के लिए वर्षों से तरस रहे इस गांव के लोग, जान की बाजी लगा पार करते हैं नदी, JDU अध्यक्ष ललन सिंह का है संसदीय क्षेत्र
Mukesh Srivastava
3 मिनट

MUNGER: बिहार के चहुमुखी विकास का दावा करने वाली सरकार के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मामला सत्ताधारी दल जेडीयू के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के संसदीय क्षेत्र मुंगेर का है। ललन सिंह यह कहते नहीं थकते कि बिहार की सरकार ने विकास की गाथ लिखने का काम किया है लेकिन उनके ही संसदीय क्षेत्र के लोग एक अदद पुल के लिए वर्षों से तरह रहे हैं और जान की बाजी लगाकर नदी पार करते हैं। 


दरअसल, पूरा मामला जिले के चम्पाचक और कठना गांव का है। मुंगेर जिला मुख्यलय से करीब 55-60 किलोमीटर दूर हवेली खड़गपुर प्रखंड और टेटिया बम्बर प्रखंड के बीच या यूं कहें की दोनों प्रखंडों कि सीमा पर महानाय नदी बहती है, जो बारिश के दिनों मे और भी ज्यादा ही खतरनाक हो जाती है। वैसे तो सरकार ने चम्पाचक और कठना में सड़के तो अच्छी बनाई हैं लेकिन एक पुल की कमी के कारण दोनों गांव के लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ता है।


इस नदी को पार करने के दौरान अबतक कई लोग हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। खासकर छोटे बच्चे हादसे के ज्यादा शिकार हुए हैं। अभी हाल फिलहाल में नदी पार करने के दौरान छोटी बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। यदि इस गांव में कोई बीमार पड़ जाता हैं उसे खाट पर लिटा कर उसे चार लोग कांधे पर उठाकर नदी पार कर इलाज के लिए ले जाते हैं या फिर 14-15 किलोमीटर उन्हें घूम कर जाना पड़ता है।


ग्रामीणों का कहना है कि सरकार अगर यहां एक पुल का निर्माण करा देती तो न सिर्फ दोनो गांव के ग्रामीणों के लिए बल्कि दोनो प्रखंडों के लोगों के लिए 14-15 किलोमीटर की दूरी महज एक किलोमीटर में सिमटकर रह जाती। ग्रामीण कहते हैं कि जिले के सांसद सरकार में शामिल जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं बावजूद इस इलाके की अनदेखी की जा रही है।

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