Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच का दायरा बिहार तक फैल चुका है। महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस और बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं। जांच के दौरान पटना, वैशाली और समस्तीपुर से जुड़े तीन और संदिग्ध परीक्षा माफियाओं के नाम सामने आने के बाद कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और इसमें अलग-अलग स्तर पर कई लोगों की भूमिका हो सकती है। इसी कड़ी में बिहार में भी लगातार कार्रवाई तेज कर दी गई है।
हाजीपुर से युवक हिरासत में, पूछताछ जारी
सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस ने वैशाली जिले के हाजीपुर से सोनू नामक एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच में सामने आया है कि उसने मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को अपनी कार उपलब्ध कराई थी, जिससे वह बिहार से बाहर निकलने में सफल हुआ। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोनू की भूमिका केवल वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित थी या वह पूरे नेटवर्क का हिस्सा था। इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को पटना के अगमकुआं थाना क्षेत्र स्थित गांधी नगर इलाके से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मुख्य आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में दबिश
मामले के मुख्य आरोपी समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता और हरियाणा के कपिल दहिया अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों की तलाश में महाराष्ट्र पुलिस और बिहार एसटीएफ लगातार संयुक्त अभियान चला रही हैं। पटना, वैशाली और समस्तीपुर समेत कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। वहीं, बिहार पुलिस भी दानापुर थाने में दर्ज एक अन्य मामले में बिजेंद्र गुप्ता की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपियों के कई राज्यों में संपर्क हो सकते हैं।
आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से शुरू हुई जांच
जांच में यह जानकारी सामने आई है कि महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की टीईटी परीक्षा के प्रश्न पत्र उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस में छापे गए थे। वहां से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रश्न पत्रों को महाराष्ट्र के वाशिम, जालना और लातूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रश्न पत्र आखिर किस स्तर पर लीक हुए। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि लीक प्रिंटिंग प्रेस से हुआ या फिर परिवहन के दौरान किसी चरण में सुरक्षा में सेंध लगाई गई।
होटल से गिरफ्तारी के बाद खुला पूरा नेटवर्क
मामले में पहली बड़ी सफलता 27 जून को मिली थी, जब ठाणे पुलिस ने भिवंडी के कोंगांव इलाके के एक होटल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में पटना निवासी राजीव शाह, आकाश और हरियाणा का धीरज शामिल था। पुलिस ने इनके कब्जे से टीईटी परीक्षा के चार सेट प्रश्न पत्र बरामद किए थे। पूछताछ के दौरान समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता और हरियाणा के कपिल दहिया के नाम सामने आए। इसके बाद जांच का दायरा महाराष्ट्र से निकलकर बिहार और हरियाणा तक पहुंच गया।
पटना में किराये के फ्लैट में रह रहा था आरोपी
जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता पटना के गांधी नगर इलाके में अपने परिवार के साथ किराये के फ्लैट में रहता था। स्थानीय लोगों को उसने खुद को कारोबारी बताया था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहने की बात कहता था और उसकी गतिविधियों पर किसी को संदेह नहीं हुआ। पुलिस अब उसके आर्थिक लेनदेन, मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी
जांच एजेंसियों को आशंका है कि फरार आरोपी बिजेंद्र गुप्ता और कपिल दहिया देश छोड़कर भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा पुलिस इस पूरे मामले में संगठित अपराध से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधान लगाने पर भी विचार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस पेपर लीक सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।





