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मधुबनी में नल-जल योजना फेल, करोड़ों खर्च के बाद भी पानी को तरस रहे लोग

मधुबनी के लदनियां प्रखंड में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हर घर नल-जल योजना अधूरी पड़ी है। भीषण गर्मी में ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं और विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं।

बिहार न्यूज
हर घर नहीं पहुंचा 'नल का जल'
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MADHUBANI: मधुबनी जिले के लदनियां प्रखंड क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की लापरवाही के कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को आज भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि विभागीय अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।


जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में गृह जल योजना मद से करीब 1 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से महथा पंचायत के पांच वार्डों में हर घर नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन एवं जलापूर्ति व्यवस्था शुरू करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी योजना अधूरी पड़ी हुई है। कई स्थानों पर पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन अब तक नलों से एक बूंद पानी भी नहीं निकल पाया है।


स्थिति यह है कि गांव के लोग निजी हैंडपंपों के सहारे पेयजल की व्यवस्था करने को मजबूर हैं। पानी की कमी के कारण कई बार ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। वहीं पदमा पंचायत के वार्ड संख्या 12 एवं 13 सहित अन्य इलाकों में भी हर घर नल का जल योजना का कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।


स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि जेई से लेकर कार्यपालक अभियंता तक को फोन किया गया, लेकिन न तो कॉल रिसीव किया जाता है और न ही मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान किया जाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा लापरवाह अधिकारियों एवं संवेदकों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई है।

मधुबनी से कुमार गौरव की रिपोर्ट