Bihar News: बिहार के मधेपुरा जिले में नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने एक अनोखा संकल्प लिया है। सदर प्रखंड की सहुगढ़ पंचायत में हुई बैठक में फैसला किया गया कि गांव में नशा करते या नशीले पदार्थ बेचते पकड़े जाने वाले व्यक्ति पर 25 हजार रुपये का सामाजिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए प्रशासन को सूचना दी जाएगी।
ग्रामीणों ने यह भी संकल्प लिया कि यदि नशे से जुड़े मामले में कोई व्यक्ति जेल जाता है, तो उसके परिजन उसकी जमानत कराने के लिए आगे नहीं आएंगे। इस फैसले का उद्देश्य लोगों पर सामाजिक दबाव बनाकर उन्हें नशे से दूर रखना और गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है।
यह निर्णय 17 अक्टूबर को मधेपुरा सदर प्रखंड की सहुगढ़ पंचायत के स्कूल परिसर में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुखिया मुकेश कुमार ने की। इसमें वर्तमान और पूर्व मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक में सभी लोगों ने मिलकर सहुगढ़ को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने तय किया कि गांव में किसी भी प्रकार के नशे का सेवन और उसकी बिक्री रोकने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी और प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
ग्रामीणों का मानना है कि केवल नशे के खिलाफ चर्चा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए पूरे गांव को एकजुट होकर काम करना होगा। 25 हजार रुपये के सामाजिक जुर्माने का प्रावधान और जेल जाने की स्थिति में जमानत नहीं कराने का संकल्प इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
पंचायत के लोगों को उम्मीद है कि इन फैसलों से नशा करने वालों और इसकी बिक्री में शामिल लोगों पर सामाजिक दबाव बनेगा। इससे गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और नशे के कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। हालांकि, सामाजिक जुर्माने और जमानत नहीं कराने जैसे फैसलों की कानूनी वैधता अलग विषय है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कानून के अनुरूप ही की जा सकती है।
इस बैठक में भाजपा के मधेपुरा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि दोनों पंचायतों के लोग एक साथ आए और गांव में किसी भी प्रकार के नशे के सेवन तथा बिक्री पर रोक लगाने का सामूहिक निर्णय लिया। बैठक में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने लिखित संकल्प पत्र भी तैयार किया, जिस पर पंचों और ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए।
बैठक की अध्यक्षता करने वाले मुखिया मुकेश कुमार ने कहा कि पंचायत को नशामुक्त बनाना किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सभी ग्रामीणों को आगे आकर अपनी भूमिका निभानी होगी।फिलहाल सहुगढ़ पंचायत के ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अब देखना होगा कि इस पहल से गांव में नशे की समस्या पर रोक लगाने में कितनी सफलता मिलती है।





