सीवान: बिहार की सियासत के बड़े चेहरे और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव एक बार फिर कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। करीब 15 साल पुराने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में उन्हें शुक्रवार को सीवान की अदालत में पेश होना है। कोर्ट में पेशी से एक दिन पहले यानी गुरुवार की शाम लालू यादव सीवान पहुंचेंगे। यहां पचरूखी स्थित एक होटल में उनके रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है।
लालू यादव के सीवान पहुंचने की खबर मिलते ही स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर अब शुक्रवार को होने वाली अदालती कार्रवाई पर टिकी है। पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष विपिन कुशवाहा ने लालू यादव के सीवान आगमन की पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार की शाम उनके पचरूखी पहुंचने और होटल में ठहरने की सूचना मिली है।
2011 के चुनाव प्रचार से शुरू हुई थी कानूनी मुश्किल
लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चल रहा यह मामला वर्ष 2011 के विधानसभा उपचुनाव से जुड़ा है। उस समय लालू यादव केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। आठ अक्टूबर 2011 को वे दरौंदा विधानसभा क्षेत्र में राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे।
आरोप है कि उस दौरान इलाके में निषेधाज्ञा लागू थी। इसके बावजूद बिना प्रशासनिक अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल कर चुनावी सभा आयोजित की गई और भाषण दिया गया। प्रशासन ने इसे चुनाव आचार संहिता और लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन माना।
इस मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी शंकर महतो ने लालू प्रसाद यादव और राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के खिलाफ दरौंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने कांड संख्या 146/11 के तहत मामला दर्ज किया था। तब से यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ता रहा।
कोर्ट में गैरहाजिरी के बाद जारी हुआ था वारंट
मामले में अदालत ने दोनों आरोपितों के खिलाफ संज्ञान लिया था। हालांकि, बाद में राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह का निधन हो गया। इसके बाद भी लालू प्रसाद यादव के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी रही। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण लालू यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। इतना ही नहीं, अदालत के आदेशों का अनुपालन नहीं होने पर कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से अदालत में उपस्थित नहीं हो पाने की दलील दिए जाने के बाद कुर्की की कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। अब इस पुराने मामले में शुक्रवार को उनकी पेशी निर्धारित है।
15 साल पुराने मामले पर टिकी निगाहें
राजनीतिक रूप से बिहार में लालू प्रसाद यादव का अपना अलग प्रभाव रहा है। ऐसे में उनका सीवान पहुंचना और अदालत में पेश होना राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि जिस मामले में उन्हें अदालत में हाजिर होना है, वह करीब डेढ़ दशक पुराना है और 2011 के चुनाव प्रचार से संबंधित है।
अब देखना होगा कि शुक्रवार को अदालत में सुनवाई के दौरान क्या स्थिति बनती है और इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है। फिलहाल लालू यादव के सीवान दौरे और कोर्ट में उनकी पेशी को लेकर राजद कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों की निगाहें भी टिकी हुई हैं।





