Bihar News : बिहार के लखीसराय जिले के बड़हिया में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के पारंपरिक क्रम को लेकर बुधवार की रात जमकर बवाल हो गया। बड़ी देवी की प्रतिमा के विसर्जन से पहले ग्रामीण इलाकों की कई प्रतिमाओं का विसर्जन कराए जाने से नाराज लोगों ने श्रीकृष्ण चौक पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने रात करीब नौ बजे एनएच-80 को जाम कर दिया। इसके कारण पूरी रात सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और बड़ी देवी समेत तीन प्रतिमाओं का विसर्जन भी अटक गया।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बड़हिया में वर्षों से दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर एक परंपरा चली आ रही है। इसके तहत तिलक मैदान स्थित बड़ी देवी की प्रतिमा का विसर्जन सबसे पहले किया जाता है। इसके बाद ही शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्थापित अन्य देवी प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बार प्रशासन ने इस परंपरा का पालन नहीं कराया और बड़ी देवी की प्रतिमा से पहले गंगासराय समेत ग्रामीण क्षेत्र की कई प्रतिमाओं का विसर्जन करा दिया गया।
इसी बात को लेकर लोगों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रीकृष्ण चौक पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर धरना देते हुए एनएच-80 को जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। विसर्जन के लिए निकली प्रतिमाएं भी रास्ते में ही रुक गईं। खासकर बड़ी देवी समेत तीन प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं हो सका।
रातभर चले इस विरोध के कारण बड़हिया में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। लोगों का कहना था कि विसर्जन की वर्षों पुरानी परंपरा को नजरअंदाज किए जाने से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। वे प्रशासन से इस मामले में स्पष्ट आश्वासन चाहते थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखीसराय के एसडीएम प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार गुरुवार की सुबह करीब तीन बजे बड़हिया पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने धरना दे रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी आपत्तियों को सुना। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया और एनएच-80 से जाम हटा लिया गया।
रात करीब नौ बजे शुरू हुआ सड़क जाम सुबह तीन बजे जाकर खत्म हुआ। करीब छह घंटे तक एनएच-80 पर यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
जाम के कारण जैतपुर की दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन का स्थान भी बदलना पड़ा। प्रतिमा को पहले बड़हिया कॉलेज स्थित गंगा घाट ले जाने की तैयारी थी, लेकिन एनएच-80 पर जाम के कारण इसे वहां नहीं ले जाया जा सका। इसके बाद प्रशासन ने जैतपुर की प्रतिमा को बालगुदर स्थित हरूहर नदी में विसर्जित कराया।
इधर, प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने के बाद गुरुवार की सुबह तिलक मैदान स्थित बड़ी देवी की प्रतिमा का विसर्जन कराया गया। इसके साथ ही रातभर से चला आ रहा विवाद समाप्त हुआ और बड़हिया में स्थिति सामान्य हुई। दुर्गा पूजा के समापन के दौरान विसर्जन के क्रम को लेकर हुआ यह विवाद स्थानीय परंपरा और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच तालमेल की जरूरत को भी सामने लाता है। ग्रामीणों के लिए बड़ी देवी की प्रतिमा का पहले विसर्जन केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी परंपरा और आस्था से जुड़ा विषय है। फिलहाल प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया है, लेकिन इस घटना ने बड़हिया में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है।





