VOTER LIST : बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चुनाव आयोग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार अब तक 1,98,660 नए वोटर बनने के लिए आवेदन आए हैं। लेकिन इसी बीच कटिहार जिले के कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र से आयोग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
चपरेल गांव की 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला अरजान निशा को जीवित होने के बावजूद मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया। इस परिजनों ने अरजान निशा को पोलिंग बूथ तक ले जाकर वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया। इसमें उन्होंने जिंदा होने का सबूत पेश किया और आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।
मामला तब सामने आया जब प्राथमिक विद्यालय की दीवार पर चिपकाई गई मतदाता सूची में अरजान निशा का नाम मृत श्रेणी में दर्ज मिला। परिजन तुरंत उन्हें वहां ले गए और कैमरे पर सच दिखाया। इस दौरान फल्का प्रखंड के हथवाड़ा पंचायत के वार्ड सदस्य ओबेदुल्ला और पंचायत उपमुखिया सह कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष साजिद आलम भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जारी इस सूची में भारी गड़बड़ी है। यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है और बीएलओ की सीधी लापरवाही है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अरजान निशा के पति अब्दुल गफूर भी जीवित हैं, इसके बावजूद प्रशासन की गलती से उनका नाम मृत घोषित कर दिया गया। यह विवाद अब राजनीतिक रंग भी पकड़ रहा है। कोढ़ा की पूर्व विधायक और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव पूनम पासवान ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह ऐसी शिकायतें आ रही हैं। आयोग को किसी भी सूची को जारी करने से पहले उसकी सख्ती से जांच करनी चाहिए, वरना जनता का भरोसा टूटेगा।





