ठगी का नया तरीका: कपड़े पर पान की पीक थूककर शातिरों ने बुजुर्ग को बनाया निशाना, 2 लाख कैश उड़ाये

कटिहार के मिरचाईबाड़ी इलाके में रिटायर्ड जिला परिषद कर्मचारी रामदेव चौधरी से दो शातिर ठगों ने 2 लाख रुपये ठग लिए। एक आरोपी आकाश कुमार को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, जबकि दूसरा फरार है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 23 Feb 2026 06:32:29 PM IST

बिहार न्यूज

एक आरोपी गिरफ्तार दूसरा फरार - फ़ोटो रिपोर्टर

KATIHAR: कटिहार के मिरचाईबाड़ी इलाके में दिनदहाड़े ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां जिला परिषद के एक रिटायर्ड कर्मचारी रामदेव चौधरी को दो शातिर ठगों ने निशाना बनाया है। पलक झपकते ही ठग उनकी जीवनभर की गाढ़ी कमाई लेकर फरार हो गया। हालांकि एक आरोपी को स्थानीय लोगों की तत्परता से पकड़ लिया गया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। 


बताया जाता है कि बुद्धू चौक के रहने वाले रामदेव चौधरी जो जिला परिषद के रिटायर्ड कर्मी हैं। SBI के मेन ब्रांच से 2 लाख रुपये निकाल कर वो घर जा रहे थे। उन्हें यह रकम किसी का कर्ज चुकाने के लिए देनी थी। जैसे ही रामदेव चौधरी जिला परिषद कार्यालय के पास पहुंचे तो घात लगाए अपराधियों ने उनके शरीर पर 'पान की पीक' थूक दिया और कहने लगे की बाबा गलती हो गयी। गमछा और कपड़ा पान की पीक से रंगा देख रामदेव असहज हो गये। वो पास में लगे हैंडपंप पर कपड़ा धोने चले गये। 


तभी उनमें से एक युवक रामदेव चौधरी की मदद करने के लिए पहुंच गया। जब रामदेव कपड़ा धोने में व्यस्त हो गये और एक युवक उन्हें मदद करने का नाटक करने लगा। तभी दूसरा युवक रामदेव चौधरी की साइकिल में टंगे नोटों से भरे झोले को लेकर नौ दो ग्यारह हो गया। कैश लेकर भागते युवक को देख रामदेव चौधरी शोर मचाने लगे। तभी स्थानीय लोगों की नजर उनके ऊपर गई। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को मौके पर ही धड़ दबोचा। जबकि दूसरा युवक सारा कैश लेकर भागने में सफल हो गया। 


लोगों ने इस बात की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरी घटना की जानकारी ली और पकड़े गये आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले गयी। पकड़े गये युवक की पहलान पटना के बाढ़ निवासी बिभिषण कुमार के बेटे आकाश कुमार के रूप में हुई है। लोगों ने उसे पकड़कर सहायक थाने की पुलिस को हवाले कर दिया। हालांकि पकड़ा गया युवक खुद को बेकसूर बता रहा है, उसका कहना है कि उसे फंसाया गया है। 


फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अब उसकी निशानदेही पर ही पैसा लेकर भागे आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि वो जिला परिषद में काम करते थे। 2012 में रिटायर हुए थे। बड़ी मुश्किल से यह पैसे उन्होंने जुटाए थे, जिसे ब्याज पर लिए कर्ज को चुकाने के लिए उन्होंने स्टेट बैंक से निकाला था। लेकिन एक लापरवाही की वजह से सारा पैसा हाथ से निकल गया। अब पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके फरार साथी और लूटी गई रकम का पता लगाया जा सके।