ब्रेकिंग
डीएसपी की गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार की मौत, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग✦Bihar Liquor : दुर्गा पूजा में शराब खपाने की थी तैयारी! अंत्योदय एक्सप्रेस से 102 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद✦सिविल सर्जन कार्यालय में फाइल चोरी करते पकड़ा गया निलंबित लिपिक, 8 साल तक दो जगह से उठाता रहा वेतन✦Bihar Police : बेगूसराय में जागरण के मंच पर बवाल! महिला डांसर को थप्पड़ मारने का आरोप, भीड़ पर पिस्टल तानने का दावा; एसपी ने दिए जांच के आदेश✦Bihar News : दशहरा की खुशी अचानक मातम में बदली! पटना के इस इलाके में रावण दहन के दौरान मची अफरा-तफरी, 4 महिलाएं घायल✦डीएसपी की गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार की मौत, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग✦Bihar Liquor : दुर्गा पूजा में शराब खपाने की थी तैयारी! अंत्योदय एक्सप्रेस से 102 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद✦सिविल सर्जन कार्यालय में फाइल चोरी करते पकड़ा गया निलंबित लिपिक, 8 साल तक दो जगह से उठाता रहा वेतन✦Bihar Police : बेगूसराय में जागरण के मंच पर बवाल! महिला डांसर को थप्पड़ मारने का आरोप, भीड़ पर पिस्टल तानने का दावा; एसपी ने दिए जांच के आदेश✦Bihar News : दशहरा की खुशी अचानक मातम में बदली! पटना के इस इलाके में रावण दहन के दौरान मची अफरा-तफरी, 4 महिलाएं घायल

Bihar News : कटिहार में मेला घूमने निकलीं 5 लड़कियां 1500 KM दूर आंध्र प्रदेश में मिलीं, जानिए कैसे पहुंचीं वहां

कटिहार में दुर्गा पूजा मेला घूमने निकलीं पांच लड़कियां अचानक लापता हो गईं। परिवार परेशान था, लेकिन 24 घंटे में सभी बच्चियां आंध्र प्रदेश में सकुशल मिल गईं। अब सवाल है कि वे बिहार से 1500 KM दूर आखिर पहुंचीं कैसे?

Bihar News : कटिहार में मेला घूमने निकलीं 5 लड़कियां 1500 KM दूर आंध्र प्रदेश में मिलीं, जानिए कैसे पहुंचीं वहां
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : बिहार के कटिहार में दुर्गा पूजा का मेला देखने निकलीं पांच लड़कियों के अचानक लापता होने से परिवार और पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घर से कुछ दूरी पर मेले में जाने की बात कहकर निकलीं ये बच्चियां आखिर करीब 1500 किलोमीटर से ज्यादा दूर आंध्र प्रदेश कैसे पहुंच गईं? यही सवाल अब इलाके में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी पांचों बच्चियां सकुशल मिल गई हैं।


मामला कटिहार जिले के मनसाही थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, नवमी की रात पांच लड़कियां अपने घर से मरंगी दुर्गा पूजा मेला घूमने के लिए निकली थीं। बताया जा रहा है कि सभी आपस में सहेलियां हैं और एक ही स्कूल में कक्षा छह की छात्राएं हैं। देर रात तक जब बच्चियां घर नहीं लौटीं तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। पहले परिवार वालों ने अपने स्तर पर आसपास और रिश्तेदारों के यहां उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।


पांच बच्चियों के एक साथ गायब होने की खबर से गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया जा रहा है कि बच्चियों के पास मोबाइल फोन भी नहीं था और सोशल मीडिया अकाउंट होने की भी जानकारी नहीं थी। ऐसे में परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर वे गईं तो गईं कहां?जब काफी तलाश के बाद भी बच्चियों का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पांच नाबालिग लड़कियों के एक साथ लापता होने की जानकारी मिलते ही मनसाही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने अलग-अलग संभावित रास्तों और ठिकानों पर जानकारी जुटानी शुरू की। मामला रेलवे से जुड़ा होने की आशंका के बीच रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ को भी सूचना दी गई।


पुलिस और आरपीएफ के बीच बेहतर समन्वय का असर यह रहा कि तलाश का दायरा बिहार से बाहर तक पहुंच गया। जांच के दौरान बच्चियों के आंध्र प्रदेश की ओर जाने की जानकारी मिली। इसके बाद आरपीएफ ने तेजी से कार्रवाई करते हुए विजयवाड़ा स्टेशन से पहले पांचों बच्चियों को बरामद कर लिया।बच्चियों के दूसरे राज्य में मिलने की खबर जैसे ही परिवार वालों तक पहुंची, उनकी जान में जान आई। जिन परिजनों के लिए बीते करीब 24 घंटे किसी बुरे सपने से कम नहीं थे, उनके चेहरे पर बच्चियों के सकुशल मिलने की खबर से राहत लौट आई।


हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही बना हुआ है कि कटिहार के मनसाही से मेला घूमने निकलीं पांचों बच्चियां आंध्र प्रदेश तक कैसे पहुंचीं? क्या वे ट्रेन से गई थीं, क्या किसी के साथ गईं या फिर किसी और वजह से इतनी दूर पहुंचीं? इस पूरे मामले की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।


फिलहाल पुलिस बच्चियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वे कटिहार से आंध्र प्रदेश तक किस तरह पहुंचीं और इस दौरान उनके साथ क्या हुआ। पांचों बच्चियों की सकुशल बरामदगी ने परिवार को बड़ी राहत दी है, लेकिन घटना ने अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है।


इस मामले में कटिहार पुलिस और आरपीएफ की तत्परता की सराहना की जा रही है। महज 24 घंटे के भीतर पांचों बच्चियों का पता लगना यह भी दिखाता है कि नाबालिगों के लापता होने की सूचना समय पर मिलने और पुलिस-रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से बड़ी कार्रवाई को तेजी से अंजाम दिया जा सकता है।