1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 09, 2026, 9:50:43 PM
नेताओं को सिर्फ अपने बच्चों की चिंता - फ़ोटो रिपोर्टर
KAIMUR: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को कैमूर के एक निजी होटल में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक की। आगामी पंचायत चुनावों की रणनीति और पिछले विधानसभा चुनाव के परिणामों पर मंथन के दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर कड़ा प्रहार किया।
नीतीश कुमार पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने अपनी पुरानी भविष्यवाणी को दोहराते हुए कहा, "मैंने पहले ही कहा था कि एनडीए चुनाव जीत भी जाए, तो भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। आज उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह प्रभावी रूप से शासन चला सकें। 202 विधायकों के समर्थन वाला नेता दिल्ली और राज्यसभा की ओर क्यों देख रहा है? अफसर और सिस्टम सच को कितना भी छुपा लें, लेकिन सच्चाई यही है कि वह अब सक्रिय मुख्यमंत्री नहीं हैं।"
वंशवाद और बेरोजगारी पर प्रहार
निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नीतीश कुमार जीवन भर वंशवाद के खिलाफ बोलते रहे, आज उनका अपना बेटा राजनीति में आ रहा है। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा, "नेता चाहे जीते या हारे, वह अपने बच्चों के लिए सिंहासन की व्यवस्था कर लेता है, लेकिन बिहार के आम लोगों ने अपने बच्चों के लिए सिर्फ अशिक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चुना है। जब तक आप अपने बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं करेंगे, वे दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में मजदूरी करते रहेंगे।"
जन सुराज के भीतरी कलह पर दी सफाई
बैठक के दौरान मोहनिया सीट पर हार को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच हुई नोकझोंक पर पीके ने कहा कि यह लोगों का अपना दल है, यहाँ वाद-विवाद स्वाभाविक है। मीडिया केवल 4 मिनट के हंगामे को दिखा रही है, जबकि घंटों चली सार्थक चर्चा पर किसी का ध्यान नहीं है।