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रांची, मुंबई और जयपुर हाईकोर्ट में जज रह चुके, अब सुप्रीम कोर्ट के बने जस्टिस, बिहार से है गहरा नाता, जानिए पूरी कहानी

Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले के चैनपुर गांव से जुड़े जस्टिस श्री चंद्रशेखर ने भारतीय न्यायपालिका में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश का पद संभाला है। उनकी इस नियुक्ति के बाद गांव और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है और लोग इसे.

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Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक छोटे से गांव से निकले एक बेटे ने आज पूरे राज्य का नाम रोशन कर दिया है। मड़वन प्रखंड के चैनपुर गांव निवासी जस्टिस श्री चंद्रशेखर को देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। जैसे ही यह खबर उनके गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और गांव में जश्न का माहौल बन गया।


ग्रामीणों का कहना है कि चैनपुर गांव के लिए यह किसी बड़े पर्व से कम नहीं है। गांव के लोगों को गर्व है कि उनकी मिट्टी में पले-बढ़े एक बेटे ने देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था तक का सफर तय किया है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ चैनपुर बल्कि पूरे मुजफ्फरपुर और बिहार का मान बढ़ाया है।


जस्टिस श्री चंद्रशेखर की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और लगन से भरी हुई है। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई गांव और आसपास के क्षेत्र में हुई। उन्होंने मीनापुर हाईस्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की। पढ़ाई में शुरू से ही तेज और अनुशासित रहे श्री चंद्रशेखर ने आगे की पढ़ाई के लिए मुजफ्फरपुर के एलएस कॉलेज का रुख किया, जहां से उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की।


उच्च शिक्षा के लिए वे दिल्ली गए और दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में अपना सफर शुरू किया। अपनी मेहनत, कानूनी समझ और निष्पक्ष कार्यशैली के दम पर उन्होंने न्यायपालिका में एक अलग पहचान बनाई।


अपने लंबे न्यायिक करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे देश के अलग-अलग उच्च न्यायालयों में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। रांची, जयपुर और मुंबई जैसे प्रमुख न्यायिक केंद्रों में उनके कार्यों की सराहना होती रही है। न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संतुलित फैसलों ने उन्हें एक सम्मानित न्यायाधीश के रूप में स्थापित किया।


यही वजह रही कि अब उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत में न्यायाधीश बनने का मौका मिला है। उनकी यह नियुक्ति सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।


सुप्रीम कोर्ट के जज बनने की खबर मिलते ही चैनपुर गांव में लोगों की भीड़ उनके पैतृक आवास पर जुटने लगी। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया। इस मौके पर 51 किलो लड्डू बांटे गए और लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।


जस्टिस श्री चंद्रशेखर के फुफेरे भाई उमेश सिंह ने बताया कि पूरे गांव में खुशी का माहौल है। लोग इस उपलब्धि को अपनी उपलब्धि मानकर जश्न मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव के बच्चों और युवाओं के लिए यह बहुत बड़ी प्रेरणा है कि मेहनत और शिक्षा के दम पर कोई भी व्यक्ति देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकता है।


इस अवसर पर पैक्स अध्यक्ष निरंजन सुमन समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। सभी ने जस्टिस श्री चंद्रशेखर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता बिहार के युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।


ग्रामीणों का कहना है कि जस्टिस श्री चंद्रशेखर भले ही आज देश के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गए हों, लेकिन उनका अपने गांव और अपनी जड़ों से जुड़ाव हमेशा बना रहा है। यही कारण है कि उनकी सफलता का जश्न पूरा गांव अपने घर की खुशी की तरह मना रहा है।