PATNA: JDU में नई प्रदेश कमेटी के गठन में गड़बड़ी को लेकर आज पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के आवास पर जोरदार ड्रामा हुआ. नाराज जेडीयू नेताओं ने कहा कि अगर संजय गांधी और ललन सर्राफ के ही पॉकेट में पार्टी है तो हमलोग एक मिनट में जेडीयू छोड़ कर चले जाएंगे. नाराज नेताओं ने खुलकर कहा कि संजय गांधी और ललन सर्राफ ने जेडीयू को लूट खसोट का अड्डा बना दिया है. नीतीश कुमार को अंधेरे में रख कर जेडीयू को खत्म करने की साजिश रची जा रही है.
जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी से भरी नाराजगी
दरअसल ये मामला जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी के गठन से जुड़ा है. जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी के गठन के बाद पार्टी नेताओं के बड़े तबके में भारी नाराजगी है. वे खुल कर कह रहे हैं कि नीतीश कुमार को दरकिनार कर संजय गांधी और ललन सर्राफ जैसे लोगों ने जेडीयू को अपने पॉकेट का संगठन बना लिया है.
नीतीश का दरवाजा बंद तो संजय झा के घर जुटान
पार्टी की नई प्रदेश कमेटी के गठन से नाराज जेडीयू के कई नेता आज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से शिकायत करने पहुंचे थे लेकिन उनके आवास का दरवाजा ही नहीं खोला गया. अंदर से खबर भिजवाई गई कि नीतीश कुमार की तबीयत खराब है, इसलिए वे आज किसी से नहीं मिलेंगे. जबकि नीतीश हर सुबह जेडीयू के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपने आवास पर मिलते हैं. इसके बाद पार्टी के नाराज नेताओं का जत्था जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के घर पहुंच गया. वे उनके सामने अपनी शिकायत रखना चाहते थे.
संजय झा के घर भारी ड्रामा
जेडीयू के नाराज नेता जब अपने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के आवास पर पहुंचे तो संजय झा ने उनसे कहा कि वे पहले नीतीश कुमार से मिलकर आते हैं तो फिर नाराज नेताओं की बात सुनेंगे. नाराज जेडीयू नेता संजय झा के आवास के मेन गेट पर इंतजार करते रहे.कुछ देर बाद संजय झा अपने आवास के पिछले गेट से अंदर आए. उनके साथ श्रावण कुमार, उमेश कुशवाहा, संजय गांधी जैसे नेता भी थे. पहले उन सबों ने आपस में बातचीत की और फिर संजय झा अकेले ही जेडीयू के नाराज नेताओं से मिलने पहुंचे.
जमकर फूटा आक्रोश
जैसे ही संजय झा नाराज पार्टी नेताओं के पास पहुंचे, वैसे ही आक्रोश भड़क गया. नाराज नेताओं ने कहा कि संजय गांधी, ललन सर्राफ और उमेश कुशवाहा ने जेडीयू को अपने पॉकेट की पार्टी बना लिया है. संजय गांधी और ललन सर्राफ ने लूट खसोट मचा रखा है. दो दिन पहले बनाई गई पार्टी की प्रदेश कमेटी में गद्दारी करने वाले नेताओं को जमकर मलाई बांटी गई है. जो 1994-95 से नीतीश कुमार के साथ खड़े हैं, उन्हें बाहर कर दिया गया है. जिन्होंने पार्टी के साथ गद्दारी की, उन्हें अहम जिम्मेदारी दी गई है.
नाराज नेताओं ने की तीखी बहस
इस दौरान संजय झा और नाराज नेताओं के बीच तीखी बहस हुई. पार्टी के एक नेता ने कहा कि अगर नीतीश कुमार के बदले संजय गांधी और ललन सर्राफ के इशारे पर पार्टी चलगी तो वे आज इस्तीफा देने को तैयार हैं. इसी दौरान संजय झा के किसी समर्थक ने कह दिया कि माहौल मत बनाइये. इसके बाद जेडीयू नेता और भड़क गए.
संजय झा ने कहा कि समीक्षा होगी
जेडीयू नेताओं की नाराजगी को देखते हुए संजय झा ने कहा कि पार्टी की नई प्रदेश कमेटी की समीक्षा होगी. अगर कोई गड़बड़ी होगी तो उसे दूर किया जाएगा. नाराज नेताओं को जल्द ही कार्रवाई का भरोसा दिलाकर वापस भेजा गया.
इससे पहले नीतीश की तबीयत बिगड़ी
इससे पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार की तबीयत आज अचानक बिगड़ गई. लिहाजा उनके आवास के दरवाजे बंद कर दिए गए. खास बात ये थी कि नीतीश की तबीयत उस दिन बिगड़ी जब जेडीयू नेताओं का एक बड़ा जत्था उनसे ये शिकायत लेकर मिलने पहुंचा था कि उनके आस पास रहने वाले नेताओं ने पार्टी को हाईजैक कर लिया है. नाराज जेडीयू नेता बड़ी तादाद में नीतीश के पास शिकायत लेकर पहुंचे थे लेकिन उन्हें एंट्री नहीं मिली. सवाल ये उठा कि नीतीश कुमार की तबीयत बिगड़ी है या बिगाड़ दी गई है.
जेडीयू में छिड़ा है घमासान
बता दें कि जेडीयू में भीषण घमासान छिड़ गया है. दो दिन पहले पार्टी की नई प्रदेश कमेटी की घोषणा की गई है. नई कमेटी के गठन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं और उसके बाद भारी विवाद फैल गया है. इन्हीं तमाम मसलों की जानकारी देने के लिए कड़ी नेता आज नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे थे.
तबियत बिगड़ी या बिगाड़ दी गई
सवाल ये भी उठ रहा है कि नीतीश कुमार की तबीयत बिगड़ गई है या बिगाड़ दी गई है. कल तक नीतीश हर सुबह पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल रहे थे. कल ही ये खबर आई थी कि नाराज जेडीयू नेता उनसे शुक्रवार को मिलकर शिकायत करेंगे और फिर अचानक उनकी तबियत बिगड़ने की जानकारी देकर नीतीश के आवास के दरवाजे बंद कर दिए गए.
कल हुआ था हंगामा
पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के सामने गुरुवार को ही बेहद अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई थी. पार्टी के एक निवर्तमान महासचिव नीतीश कुमार के आवास पर जाकर उन्हें ये बता रहे थे कि जेडीयू प्रदेश कमेटी के गठन में भारी गड़बड़ी हुई है. इसी बीच वहां मौजूद एमएलसी संजय गांधी ने शिकायत कर रहे पार्टी नेता को टोकना शुरू कर दिया. उनसे कहा कि शिकायत करना बंद करिए और यहां से जाइये.
संजय गांधी पर गंभीर आरोप
प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि इसके बाद संजय गांधी और पार्टी के निवर्तमान महासचिव के बीच जबरदस्त बहसबाजी हो गई. जेडीयू के निवर्तमान महासचिव ने संजय गांधी पर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि उन्होंने पार्टी को बेच दिया है. पैसे लेकर पार्टी के पदाधिकारी बनाए जा रहे हैं. संजय गांधी ने अपनी पत्नी को योग्यता न रहने के बावजूद बिहार सरकार में एक बड़ा पद दिला दिया है.
सुरक्षाकर्मियों ने हटाया
जेडीयू के निवर्तमान महासचिव और संजय गांधी के बीच तीखी बहस में ऐसी हालत हुई कि नीतीश कुमार के आवास पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को आकर दोनों को हटाना पड़ा.
जेडीयू नेता ने की पुष्टि
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ये बहस जेडीयू के निवर्तमान महासचिव धीरज कुशवाहा और संजय गांधी के बीच हुई. फर्स्ट बिहार से बातचीत में धीरज कुशवाहा ने स्वीकार किया था कि उनकी संजय गांधी से बहस हुई है. लेकिन उन्होंने और विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया. धीरज कुशवाहा ने बताया कि वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखने गए थे, इसमें दूसरा कोई कैसे रोक लगा सकता है.
जेडीयू में भारी बवाल
दरअसल, जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी के गठन के बाद पार्टी के अंदर भारी बवाल छिड़ गया है. जेडीयू के कई प्रमुख नेता खुलेआम आरोप लगा रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, ललन सर्राफ और संजय गांधी ने अपने अपने आदमी को सेट कर प्रदेश कमेटी बनाई है. पार्टी के लिए जी जान से काम करने वाले ज्यादातर नेताओं को प्रदेश कमेटी से बाहर कर दिया गया है.
दो दिन पहले ही बनी है प्रदेश कमेटी
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बुधवार को ही अपनी कमेटी का ऐलान किया है. पार्टी की नई प्रदेश कमेटी में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, 38 प्रदेश महासचिव और 74 प्रदेश सचिवों की नियुक्ति की गई है। नई कमेटी के ऐलान के बाद ही घमासान छिड़ गया है.
नीतीश से मिलने पहुंचे थे 50 नेता
जेडीयू के एक नेता ने बताया कि पार्टी के लिए समर्पित 50 नेता शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलकर सारी बातों की जानकारी देने पहुंचे थे. वे नीतीश को बताने हुए थे कि कैसे जेडीयू से गद्दारी करने वालों को पुरस्कृत किया गया है. जेडीयू नेताओं के बड़े वर्ग का आरोप है ये सब इसलिए किया जा रहा है कि जेडीयू को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके.
दागियों की मौज
जेडीयू के एक नेता ने पूरी लिस्ट गिनाई. पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को धोखा देने वालों की सूची बनी थी. जिन पर धोखा देने का आरोप लगा, वे मलाई खा रहे रहे हैं. जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी में सुमित कुमार सिंह को मुख्यालय प्रभारी महासचिव बनाया गया है, उनके खिलाफ पार्टी के विधायक बबलू मंडल लिखित शिकायत दी थी कि सुमित चुनाव में खुलकर जेडीयू का विरोध कर रहे थे.जेडीयू के एक नेता ने बताया कि अरुण वर्मा को भी मुख्यालय प्रभारी महासचिव बनाया गया है. ये वहीं अरुण वर्मा हैं जो RCP के साथ मिलकर जेडीयू और नीतीश कुमार के बारे में निचले स्तर की बातें कर रहे थे.पार्टी के एक और मुख्यालय प्रभारी शंभू कुशवाहा दो साल पहले ही जेडीयू में आए हैं. वे पहले उपेंद्र कुशवाहा के साथ थे. जेडीयू के एक नाराज नेता ने बताया कि शंभू कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष ने खास कारणों से खास ईनाम दिया है.
भारती मेहता से लेकर संजय कांत पर गंभीर आरोप
जेडीयू नेताओं के मुताबिक 2025 के विधान सभा चुनाव में पार्टी की प्रत्याशी मीना कामत ने लिखित शिकायत की थी कि भारती मेहता ने उनका खुलकर विरोध किया. लेकिन भारती मेहता MLC बना दिया गया. मीना कामत ने एक और नेता वासुदेव कुशवाहा के बारे में भी शिकायत की थी, लेकिन पार्टी नेता आरोप लगा रहे हैं कि वासुदेव कुशवाहा अभी प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के लिए सारी डील कर रहे हैं. इसलिए उन्हें फिर से महासचिव बना दिया गया है. 2025 के विधानसभा के दौरान जेडीयू नेता संजय कांत का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे हरनौत से पार्टी के उम्मीदवार हरिनारायण सिंह के खिलाफ मोर्चाबंदी कर रहे थे. लेकिन उन्हें भी महासचिव बनाया गया है.
ललन सिंह के समर्थकों की छुट्टी
जेडीयू के अंदर ये चर्चा भी जोरों पर है कि ललन सिंह के समर्थकों की चुन चुन कर छुट्टी कर दी गई है. नीतीश कुमार की राजनीति के शुरुआती दिनों से जुड़े लोक प्रकाश सिंह को प्रदेश महासचिव पद से हटा दिया गया है. लोक प्रकाश सिंह के फिलहाल ललन सिंह से बेहद नजदीकी संबंध हैं. ललन सिंह समर्थक अंजनी सिंह, बौंडिल सिंह, राजीव रंजन पटेल जैसे कई नेताओं की छुट्टी कर दी गई है.
श्रवण कुमार के करीबी भी बाहर
पार्टी के एक नेता ने बताया कि जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार के करीबियों की भी छुट्टी कर दी गई. नालंदा के राजेश पाल पिछले चुनाव में। श्रवण कुमार के चुनाव प्रभारी थे. उन्हें भी प्रदेश कमेटी से बाहर कर दिया गया.
जो देश भर में वायरल हुआ वह भी आउट
जेडीयू के एक नेता ने दिलचसो बात बताई. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जब सीएम का पद छोड़ रहे थे तो जेडीयू के एक नेता का रोते हुए वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ था. वो नेता थे प्रदेश सचिव राजीव रंजन पटेल. राजीव रंजन पटेल को भी प्रदेश कमेटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.
समता पार्टी के समय से नीतीश कुमार से जुड़े और उनके लिए लड़ने वाले कई नेता जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी से गायब हैं. मनोरंजन गिरी, संतोष कुशवाहा, पप्पू निषाद, मुकेश कुमार, संजय मालाकार, धीरज कुशवाहा, अरविंद निषाद, निखिल मंडल, परशुराम पारस, सुनील कुमार, राम विनोद सिंह जैसे कई नेता इस बार की प्रदेश कमेटी में शामिल नहीं हैं.
जेडीयू को खत्म करने की साजिश
जेडीयू नेताओं का नाराज गुट कह रहा है कि ये पार्टी को खत्म करने की कोशिश है. वे खुलेआम पैसा लेकर पर बांटने का आरोप भी लगा रहे हैं. वे ऐसे दो दर्जन नेताओं का नाम बता रहे हैं जिन्होंने पार्टी के लिए कोई काम नहीं किया लेकिन पद हासिल हो गया. जेडीयू नेताओं का नाराज गुट नीतीश कुमार से मिलकर इन्हीं बातों को उनके सामने रखने की तैयारी में था.





