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देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 50 केस, 11 राज्यों में फैला कोरोना का नया वायरस, इससे दो मरीजों की मौत

PATNA : कोरोना वायरस का अब तक के सबसे खतरनाक वेरिएंट डेल्टा प्लस धीरे धीरे देश में अपने पैर पसार रहा है. देश के 11 राज्यों में इसके 50 केस मिल चुके हैं. सबसे ज्यादा मामले महार

देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 50 केस, 11 राज्यों में फैला कोरोना का नया वायरस, इससे दो मरीजों की मौत
First Bihar
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PATNA : कोरोना वायरस का अब तक के सबसे खतरनाक वेरिएंट डेल्टा प्लस धीरे धीरे देश में अपने पैर पसार रहा है. देश के 11 राज्यों में इसके 50 केस मिल चुके हैं. सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में मिले हैं. महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरियंट के एक मरीज की मौत का मामला सामने आया है. खुद स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इसकी पुष्टि की है.


शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने मीडिया को जानकारी दी कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के 50 केस सामने आये हैं. आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित मरीजों की पहचान की गई है. हैरानी की बात है कि इनमें से आठ राज्यों में ही 50 फीसदी से ज्यादा केस मिले हैं. नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक डॉ. एसके सिंह ने इसकी जानकारी दी है.


प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया से बातचीत में आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने कहा कि फिलहाल कोरोना का यह वैरिएंट दुनिया के 12 देशों में पाया गया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल इसके 50 केस भारत में हैं, लेकिन ये एक सीमित दायरे में ही हैं. वहीं इस वैरिएंट पर कोरोना वैक्सीन के असर को लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए टेस्ट किए जा रहे हैं और आने वाले 7 से 10 दिनों इसके बारे में जानकारी मिल पाएगी.


डीजी बलराम भार्गव ने कहा कि डेल्टा प्लस से पहले मिले अल्फा बीटा, गामा और डेल्टा जैसे वैरिएंट पर कोविशील्ड और कोवैक्सिन कारगर रही हैं. उन्होंने कहा कि हमारी ओर से फिलहाल इसका परीक्षण जारी है कि कोरोना की वैक्सीन इस वैरिएंट पर कितना असर करती हैं. हमें लैबोरेट्री के नतीजों का इंतजार है. इसके रिजल्ट 7 से 10 दिन में आ जाएंगे. इसके अलावा कोरोना वैक्सीन को लेकर आईसीएमआर के डीजी ने एक और भ्रम दूर किया है.


उधर महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरियंट के एक मरीज की मौत का मामला सामने आया. इस बात की पुष्टि खुद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने की. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 80 साल के मरीज को दूसरी बीमारियां भी थीं. यह मरीज महाराष्ट्र के रत्नागिरी में था. अब राज्य में डेल्टा प्लस मरीजों की संख्या 20 हो गई है.


गौरतलब हो कि इसके पहले मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी एक मरीज की मौत हुई. इस प्रकार देश में डेल्टा प्लस वैरियंट की वजह से शुक्रवार को यह दूसरी मौत हुई. उज्जैन में दो मरीज डेल्टा प्लस वैरियंट से संक्रमित पाए गए थे, जिनमें एक महिला मरीज की जान चली गई. 


क्या है डेल्टा प्लस वैरिएंट
कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट बेहद संक्रामक डेल्टा वैरिएंट का ही बदला हुआ रूप है. भारत में दूसरी लहर के लिए डेल्टा ही जिम्मेदार माना जाता है. डेल्टा प्लस वैरिएंट (B.1.617.2.1) डेल्टा वेरिएंट (B.1.617.2) में ही आए बदलाव से बना है. डेल्टा वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में आए एक बदलाव (म्यूटेशन) के कारण डेल्टा प्लस बना. स्पाइक प्रोटीन से ही वायरस शरीर में फैलता है. डेल्टा प्लस के स्पाइक प्रोटीन में जो बदलाव देखा गया है, वही बदलाव साउथ अफ्रीका में सबसे पहले पाए गए बीटा वैरिएंट में भी देखा गया है.