1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 06, 2025, 8:09:58 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बिहार के गयाजी से अमृतसर के ठाकुरद्वारा सनातन मंदिर पर हुए ग्रेनेड हमले के मुख्य वांछित आरोपी शरणजीत कुमार उर्फ सनी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी शुक्रवार को तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। शरणजीत पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला, कादियां के भैनी बांगर गांव का निवासी है और पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था।
गया जिले के शेरघाटी प्रखंड के गोपालपुर कस्बे में बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में उसे एक होटल से पकड़ा गया। इस गिरफ्तारी ने बिहार को इस आतंकी साजिश से जोड़ दिया है और अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शरणजीत को स्थानीय स्तर पर किसका समर्थन मिला और उसका नेटवर्क कितना फैला हुआ है।
15 मार्च 2025 को अमृतसर के ठाकुरद्वारा सनातन मंदिर पर दो बाइक सवार हमलावरों, गुरसिदक सिंह और विशाल गिल ने ग्रेनेड फेंका था, जिससे मंदिर की दीवारें और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इसे विदेशी आकाओं द्वारा समर्थित आतंकी साजिश का हिस्सा बताया गया। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि शरणजीत ने हमले से पहले एक मार्च को बटाला में चार ग्रेनेड की खेप प्राप्त की थी, जिसमें से दो ग्रेनेड उसने 13 मार्च को गुरसिदक और विशाल को सौंपे। इनका इस्तेमाल मंदिर पर हमले में किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि यह हमला यूरोप, अमेरिका और कनाडा में बैठे विदेशी हैंडलरों के इशारे पर हुआ, जिन्होंने धन, हथियार, लॉजिस्टिक सपोर्ट और लक्ष्य की जानकारी दी थी।
एनआईए ने बताया कि हमले के बाद शरणजीत बटाला से फरार हो गया था, जब एक महीने पहले एजेंसी ने वहां तलाशी अभियान चलाया था। तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गया में ट्रेस किया गया। इस गिरफ्तारी को आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गुरसिदक सिंह को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था, जबकि विशाल गिल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एनआईए अब इस साजिश के पूरे नेटवर्क को उजागर करने और अन्य संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए जांच तेज कर रही है।