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PATNA NEWS: BPSC अभ्यर्थी को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद फिर सुर्खियों में आ गये DM साहब, आइए जानते हैं डॉ. चंद्रशेखर की कहानी

PATNA: 13 दिसंबर को बिहार के 912 परीक्षा केंद्रों पर बीपीएससी पीटी की परीक्षा संपन्न हुई। इस दौरान सभी परीक्षा केंद्र पर 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संप

PATNA NEWS: BPSC अभ्यर्थी को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद फिर सुर्खियों में आ गये DM साहब, आइए जानते हैं डॉ. चंद्रशेखर की कहानी
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: 13 दिसंबर को बिहार के 912 परीक्षा केंद्रों पर बीपीएससी पीटी की परीक्षा संपन्न हुई। इस दौरान सभी परीक्षा केंद्र पर 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई लेकिन पटना के कुम्हरार स्थित बापू परीक्षा सभागार में पेपर लीक की बात कह अभ्यर्थी हंगामा मचाने लगे। प्रश्नपत्र वायरल होने की बात कह अभ्यर्थी परीक्षा को रद्द करने की मांग करने लगे। इसी दौरान पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने हंगामा कर रहे BPSC के एक अभ्यर्थी को थप्पड़ जड़ दिया। जिसके बाद डीएम के थप्पड़ मारने का वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और डीएम साहब सुर्खियों में बन गये। 


जिसे लेकर अभ्यर्थियों ने बीपीएससी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के पदाधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद अभ्यर्थियों को शांत कराया। वीडियो वायरल होने के बाद 2010 बैच के IAS अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर चर्चा में आ गये। बता दें कि इससे पहले भी अपने तेज तेवर के कारण डॉ. चंद्रशेखर खूब चर्चा में बने रहे हैं। इससे पहले शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव केके पाठक से विवाद के बाद बिहार सरकार ने उन्हें डीएम पद से हटा दिया था। फिर मामला शांत होने के बाद फिर वापस उन्हें बहाल किया गया।


दरअसल डीएम चंद्रशेखर ने सर्दी की वजह से स्कूल बंद किया था जिसे लेकर शिक्षा विभाग ने लेटर जारी कर उनके इस आदेश पर सवाल उठाया था। तब डीएम चंद्रशेखर ने विभाग को करारा जवाब दिया था। डीएम ने लेटर लिखकर यह कहा कि शीतलहर की वजह से बच्चों को परेशानी ना हो इसलिए स्कूल बंद करने का उन्होंने फैसला लिया था। उन्होंने यह भी बताया था कि धारा 144 लगाने का अधिकार जिलाधिकारी के पास है। दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में डीएम को ये अधिकार प्राप्त है। इसके लिए शिक्षा विभाग से अनुमति लेने का कोई प्रावधान नहीं है। शीतलहर की छुट्टी को लेकर शिक्षा विभाग और डीएम की ओर से चिट्ठी लिखे जाने के बाद सरकार की किरकिरी होने लगी। 


यह मामला उस समय का है जब बिहार में महागठबंधन की सरकार थी। आरजेडी के प्रो. चंद्रशेखर उस वक्त शिक्षा मंत्री थे और केके पाठक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव थे। छुट्टी को लेकर हुए विवाद के बाद सरकार ने पटना के डीएम चंद्रशेखर का ट्रांसफर कर दिया। लेकिन कुछ दिन के बाद जब केके पाठक की विभाग से विदाई हुई तब 5  महीने बाद डॉ. चंद्रशेखर को फिर से पटना का डीएम बनाया गया। डीएम बनाये जाने के बाद चंद्रशेखर फिर सुर्खियों में बने रहे। 


वही एक बार फिर डीएम चंद्रशेखर सुर्खियों में तब बने रहे जब दिल्ली के IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जलजमाव के कारण 3 अभ्यर्थियों की मौत हुई थी तब उस वक्त डीएम चंद्रशेखर ने पटना के कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी। जिसे लेकर कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया था। डीएम के आदेश के बाद कई कोचिंग सेंटरों को सील किया गया था। कोचिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर तब डीएम चंद्रशेखर खुब सुर्खियों में बने हुए थे। उनके कार्यों की वजह से खूब प्रशंसा होने लगी। 2010 बैच के आईएएस डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने चौथे अटेम्ट में यूपीएससी क्लियर किया। पहले वो मुजफ्फरपुर के डीएम थे उसके बाद उनका तबादला पटना किया गया।

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