CNG Price Hike : 15 मई की सुबह आम लोगों के लिए महंगाई का नया झटका लेकर आई। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी (CNG) के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो की वृद्धि की गई है। नई दरें लागू होने के बाद अब दिल्ली में सीएनजी 79 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इससे पहले इसकी कीमत 77 रुपये प्रति किलो थी। बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं।
दिल्ली से पहले मुंबई में भी सीएनजी के दाम बढ़ाए गए थे। वहां 14 मई से नई कीमतें लागू कर दी गई थीं। मुंबई में सीएनजी 82 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 84 रुपये प्रति किलो हो गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम आदमी की चिंता और बढ़ा दी है। खासकर टैक्सी, ऑटो और कैब चालकों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, क्योंकि उनकी रोजी-रोटी काफी हद तक सीएनजी पर निर्भर करती है।
पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम पहले ही लोगों की जेब पर असर डाल रहे थे। अब सीएनजी महंगी होने से परिवहन खर्च भी बढ़ने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ऑटो और टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे आम यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। स्कूल बसों और छोटे व्यवसायों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू बाजार में ईंधन दरें बढ़ रही हैं। इसके अलावा परिवहन और सप्लाई लागत में वृद्धि भी कीमतों पर असर डाल रही है। हालांकि आम लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा उनके घरेलू बजट को बिगाड़ रहा है।
दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में बड़ी संख्या में लोग सीएनजी वाहनों का उपयोग करते हैं, क्योंकि इसे पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। लेकिन अब लगातार बढ़ती कीमतों से लोगों की बचत पर भी असर पड़ रहा है। कई वाहन चालकों ने कहा कि सरकार को ईंधन कीमतों पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
उधर, पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों का असर बाजार में रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ सकता है। परिवहन महंगा होने से फल, सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका है। इससे महंगाई और बढ़ सकती है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि जारी रही तो आने वाले समय में इसका असर देश की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल आम जनता को राहत मिलने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द कोई ऐसा कदम उठाए जिससे ईंधन कीमतों में स्थिरता आए और बढ़ती महंगाई से थोड़ी राहत मिल सके।





