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BRABU के 70 सहायक प्राध्यापक की नौकरी पर संकट, कई रसूखदारों के संबंधी भी जांच के घेरे में; क्या है वजह?

Bihar News: बीआरएबीयू में 70 सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी सामने आई है. जांच के बाद फर्जीवाड़ा करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति रद्द की जा सकती है.

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के 70 सहायक प्राध्यापक कार्रवाई की जद में आ गए हैं। इन शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं। पिछले महीने विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच कमेटी की पड़ताल में इन अनियमितताओं का खुलासा हुआ। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो उनकी नौकरी भी जा सकती है। गड़बड़ी सामने आने के बाद कई प्रोफेसरों की पोस्टिंग पर रोक लगा दी गई है, जिनमें कई रसूखदारों के रिश्तेदार भी शामिल बताए जा रहे हैं।


विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा के अनुसार, विवि सेवा आयोग के निर्देश पर वर्ष 2020 से 2025 तक नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच की गई। जांच के दौरान टीम को कई दस्तावेजों में खामियां मिलीं। विश्वविद्यालय अब यह जांच रिपोर्ट आयोग को भेजने की तैयारी में है और आगे की कार्रवाई आयोग के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।


जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विवि सेवा आयोग से मार्गदर्शन मांगा। प्रशासन ने आयोग को बताया कि जांच में लगभग 14 प्रकार के अनुभव प्रमाणपत्र सामने आए हैं। इनमें कुछ ‘रिसोर्स पर्सन’ के अनुभव प्रमाणपत्र हैं, जबकि कुछ अभ्यर्थियों ने कॉलेजों में अवैतनिक सेवा देने का दावा किया है। कई प्रमाणपत्र ऐसे हैं जो बिना स्वीकृत पद के जारी किए गए, वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने मात्र 500 रुपये पर पढ़ाने का अनुभव दिखाया है। 


सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने विश्वविद्यालय को अपने स्तर पर इन प्रमाणपत्रों की विस्तृत जांच करने को कहा है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन सभी रिपोर्ट आयोग को भेजकर आगे की कार्रवाई की अनुशंसा करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुशंसा के बाद गलत अनुभव प्रमाणपत्र देने वाले सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति रद्द की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की भी संभावना है। हाल ही में पुलिस मुख्यालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन और विवि थाने से दो सहायक प्राध्यापकों की जानकारी भी मांगी थी।


इसी बीच, होम साइंस और अंग्रेजी विषयों में नियुक्त कई सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग रोक दी गई है, क्योंकि जांच में उनके दस्तावेज सही नहीं पाए गए। होम साइंस विभाग के कुछ शिक्षकों का वेतन भी रोका गया है। एक सहायक प्राध्यापक को गलत अनुभव प्रमाणपत्र देने के मामले में पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।


जांच के दायरे में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनके रिश्तेदार प्रभावशाली पदों पर हैं। इनके अनुभव प्रमाणपत्रों पर भी संदेह जताया गया है, हालांकि अब तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त रुख अपनाता है, तो इन पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता