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Bihar teacher : बिहार में ऑनलाइन हाजिरी पर फिर सवाल, 10 शिक्षक फर्जी अटेंडेंस मामले में घिरे

बांका में ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम पर बड़ा सवाल! जिले से बाहर रहकर हाजिरी लगाने के आरोप में 10 शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने थमाया नोटिस। सात दिनों में मांगा गया जवाब।

Bihar teacher
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© Ai photo
Tejpratap
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4 मिनट

Bihar teacher: बिहार में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू होने के बाद से लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। अब ताजा मामला बांका जिले से सामने आया है, जहां ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर संदिग्ध तरीके से हाजिरी दर्ज करने के आरोप में 10 शिक्षकों को विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम की विश्वसनीयता पर फिर बहस शुरू हो गई है।


जानकारी के मुताबिक स्थापना जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) संजय कुमार यादव ने अलग-अलग विद्यालयों में कार्यरत 10 शिक्षकों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय जांच में पाया गया कि इन शिक्षकों की उपस्थिति 4 मई को ऐसे स्थानों से दर्ज की गई, जो बांका जिले की भौगोलिक सीमा के बाहर थे। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही और फर्जीवाड़े की श्रेणी में माना है।


दरअसल, शिक्षा विभाग द्वारा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज होने वाली उपस्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही थी। इसी दौरान अधिकारियों की नजर कुछ संदिग्ध लोकेशन पर पड़ी। जांच में स्पष्ट हुआ कि संबंधित शिक्षकों ने जिले से बाहर रहते हुए भी स्कूल में उपस्थित होने की ऑनलाइन एंट्री दर्ज कराई थी। इसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर दिया।


जारी आदेश में साफ शब्दों में कहा गया है कि जिले की सीमा से बाहर रहकर उपस्थिति दर्ज होना यह दर्शाता है कि सिस्टम को गुमराह करने की कोशिश की गई। विभाग ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए शिक्षकों से सात दिनों के भीतर साक्ष्य सहित जवाब देने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला तो विभागीय नियमावली के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि संबंधित दिन का वेतन काटा जा सकता है और आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है। शिक्षा विभाग का कहना है कि ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई थी, लेकिन कुछ शिक्षक इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।


जिन शिक्षकों से जवाब मांगा गया है उनमें अमरपुर प्रखंड के एनपीएस अठमाहा के शिक्षक राजीव कुमार और आदर्श बालिका उच्च विद्यालय के राजन कुमार सिंह शामिल हैं। इसके अलावा बांका प्रखंड के यूएमएस बेलाटीकर के शिक्षक फैयाज कुमार, बाराहाट प्रखंड के यूएचएस सहरना के मोहम्मद महताब आलम, रजौन प्रखंड के मध्य विद्यालय मोरामा के कृष्णा नाथ ज्ञानेश और यूएमएस अलीपुर-धनियागड़िया के श्याम किशोर कुमार का नाम भी सूची में है। वहीं शंभूगंज प्रखंड के अनुराग कुमार, रमेश कुमार, संदीप कुमार और शेखर कुमार को भी इस मामले में नोटिस भेजा गया है।


यह पहला मामला नहीं है जब बांका जिले में ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले भी कई शिक्षक फर्जी अटेंडेंस के आरोप में विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। बावजूद इसके, अनियमितताओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।


शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी माध्यमों से उपस्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और भविष्य में भी किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।