Bihar Satellite Township : बिहार सरकार राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए सैटलाइट टाउनशिप परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी सैटलाइट टाउनशिप योजना को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इसके तहत जिन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लगाई गई थी, वहां अब आवश्यक परिस्थितियों में छूट प्रदान की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि राज्य में कुल 11 स्थानों को सैटलाइट टाउनशिप के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें से 7 स्थानों पर 31 मार्च 2027 तक जमीन की खरीद, बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लागू थी ताकि भविष्य की विकास योजनाओं के लिए भूमि सुरक्षित रखी जा सके। हालांकि अब सरकार ने सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण श्रेणियों को इस प्रतिबंध से मुक्त करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए यदि भूमि की आवश्यकता होगी तो ऐसे मामलों में जमीन हस्तांतरण की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा जिन परियोजनाओं पर वर्तमान में कार्य चल रहा है, उन्हें भी इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है ताकि विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो।
नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यदि उद्योग विभाग के स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (SIPB) से स्वीकृत कोई निवेशक बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि लेना चाहता है, तो उसे भी जमीन हस्तांतरण संबंधी प्रतिबंधों से छूट प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में नए निवेश आएंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इसी दौरान मंत्री ने राजधानी पटना समेत अन्य शहरी क्षेत्रों में मानसून पूर्व तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम नजदीक है और सरकार जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। नगर निगम, बुडको तथा सभी शहरी निकायों को पहले से आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पटना की कई सड़कों की जर्जर स्थिति और बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि जनता जहां भी ऐसी समस्याएं देखे, उसकी जानकारी सीधे उन्हें दे सकती है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर टैग किए जा रहे मामलों पर वह स्वयं नजर रख रहे हैं और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की रिपोर्ट ले रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सभी नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि संभावित जलजमाव वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते आवश्यक प्रबंध किए जाएं। जहां नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था या सड़क मरम्मत का कार्य अधूरा है, वहां उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा होना एक प्राकृतिक परिस्थिति है, लेकिन सामान्य बारिश में किसी भी क्षेत्र में लंबे समय तक पानी जमा नहीं रहना चाहिए। यदि कहीं जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसे तत्काल हटाने के लिए प्रशासन को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नीतीश मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि वर्तमान में चल रही सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में जलजमाव की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर नई योजनाएं भी तैयार की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य राज्य के शहरों को आधुनिक, व्यवस्थित और बेहतर बुनियादी सुविधाओं से लैस बनाना है।



