पटना: बिहार में दिवाली की रोशनी, काली पूजा की रौनक और छठ महापर्व की आस्था के बीच पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का मोर्चा संभाल लिया है। त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। राज्यभर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। अब पुलिसकर्मियों को त्योहार के दौरान छुट्टी बिताने के बजाय सड़कों, बाजारों, पूजा पंडालों और छठ घाटों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी होगी।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 6 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक सभी प्रकार के अवकाश बंद रहेंगे। यानी लगातार 11 दिनों तक पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के लिए तैयार रहना होगा। हालांकि, किसी विशेष परिस्थिति में सक्षम अधिकारी की अनुमति से अवकाश दिया जा सकेगा।
त्योहारों के बीच सुरक्षा में कोई चूक नहीं चाहती पुलिस
बिहार में दीपावली और काली पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग बाजारों और पूजा स्थलों पर पहुंचते हैं। वहीं, छठ महापर्व के दौरान नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के किनारे लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी घटना का कारण बन सकती है।
इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सांप्रदायिक सद्भाव कायम रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
किन-किन विभागों के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द?
पुलिस मुख्यालय का यह आदेश केवल जिला पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार पुलिस की कई महत्वपूर्ण इकाइयों पर भी लागू होगा। इसमें पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण, विशेष शाखा, अभियान, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, रेलवे पुलिस, अपराध अनुसंधान विभाग (CID), आर्थिक अपराध इकाई (EOU), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) सहित अन्य संबंधित इकाइयों को शामिल किया गया है।
बिहार पुलिस मुख्यालय के अपर पुलिस महानिदेशक, विधि व्यवस्था की ओर से जारी आदेश सभी संबंधित विभागों और इकाइयों के प्रमुखों को भेज दिया गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं।
हर कार्यालय में बनेगी क्विक रिस्पांस टीम
त्योहारों के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तेजी से निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय ने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित करने का भी निर्देश दिया है। सभी वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, समादेष्टाओं और प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों को अपने-अपने स्तर पर तैयारी पूरी करने को कहा गया है।
इसके तहत विभिन्न कार्यालयों में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की क्यूआरटी बनाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर इन टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य है कि भीड़ नियंत्रण, विवाद, दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में पुलिस बिना देरी के कार्रवाई कर सके।
छठ घाटों से बाजारों तक रहेगी पुलिस की नजर
दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री, बाजारों में भीड़ और पूजा पंडालों में सुरक्षा पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहती है। वहीं, काली पूजा के दौरान प्रतिमाओं की स्थापना, विसर्जन और जुलूसों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है।छठ महापर्व में यह चुनौती और बढ़ जाती है। सुबह और शाम के अर्घ्य के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा दूसरे राज्यों और जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और प्रमुख सड़कों पर भी अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है।
रेलवे पुलिस और विशेष शाखा को भी अलर्ट रहने का निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने रेलवे पुलिस, क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों और विशेष शाखा को भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।
कुल मिलाकर, बिहार में त्योहारों के इस बड़े दौर में पुलिस प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। छुट्टियों पर रोक, क्यूआरटी का गठन और विभिन्न पुलिस इकाइयों को अलर्ट करने का फैसला इसी रणनीति का हिस्सा है। अब देखना होगा कि पुलिस की यह तैयारी दीपावली से लेकर छठ तक आम लोगों को कितनी सुरक्षित और शांतिपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध करा पाती है।





