Bihar Police: बिहार पुलिस के 9 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में होने वाले 28वें मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम फेज-III के लिए नामित किया गया है. गृह विभाग की ओर से जारी नामांकन के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 अक्टूबर से 20 नवंबर 2026 तक चलेगा.
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्देश्य IPS अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक दक्षता, आधुनिक जांच तकनीक और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कार्यक्षमता को और बेहतर करना है. प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पुलिसिंग से जुड़ी बदलती चुनौतियों, रणनीतिक निर्णय लेने और प्रभावी प्रशासन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा.
गृह विभाग के अपर सचिव दीपक कुमार ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के उप निदेशक MCTP डॉ. श्रीनिवास ए. को पत्र भेजकर बिहार कैडर के नामित अधिकारियों की जानकारी दी है. यह नामांकन राष्ट्रीय पुलिस अकादमी की ओर से 3 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र के आधार पर किया गया है.
इन 9 IPS अधिकारियों का हुआ चयन
प्रशिक्षण के लिए नामित अधिकारियों में 2007 बैच के IPS अधिकारी विवेक कुमार शामिल हैं. वह वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक, पूर्वी क्षेत्र, भागलपुर के पद पर तैनात हैं.
2013 बैच के IPS अधिकारी राजेश कुमार आर्थिक अपराध इकाई, बिहार में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. वहीं 2016 बैच के किरण कुमार गोरख जाधव राज्यपाल सचिवालय में राज्यपाल के परिरक्षक पुलिस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
2017 बैच के अभिषेक राहुल, सहायक निदेशक, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर और अमृतेश शेखर ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती, पटना को भी प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया है.
2018 बैच के हरि शंकर कुमार पुलिस अधीक्षक, रेल, कटिहार और मनीष कुमार सिन्हा समादेशक, अशोकहरि विशेष सशस्त्र पुलिस, आरा के पद पर तैनात हैं.
इसी बैच के रामानन्द कुमार कौशल, पुलिस अधीक्षक, विशेष निगरानी इकाई, बिहार और अंजनी कुमार, पुलिस अधीक्षक अभियान, विशेष कार्य बल, बिहार भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे.
26 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगा प्रशिक्षण
28वें मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम फेज-III का आयोजन 26 अक्टूबर से 20 नवंबर 2026 तक सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में किया जाएगा. यह कार्यक्रम IPS अधिकारियों के करियर के मध्य चरण में उनकी पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आयोजित किया जाता है.
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को नेतृत्व, रणनीतिक निर्णय लेने, प्रशासनिक प्रबंधन, जांच की आधुनिक तकनीक और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी. अलग-अलग राज्यों के अधिकारी भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं, जिससे उन्हें पुलिसिंग से जुड़े अनुभव और कार्यप्रणाली साझा करने का अवसर मिलता है.





